×

अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान: सत्ता के लिए नहीं करेंगे कोई समझौता

अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में एक बयान में कहा कि उनकी पार्टी सत्ता के लिए कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के बीच गुप्त गठजोड़ का आरोप लगाया और दिल्ली की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। केजरीवाल ने चेतावनी दी कि भाजपा मुफ्त बिजली और सब्सिडी खत्म करने की योजना बना रही है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर भारी पड़ेगा। जानें इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है और दिल्ली की राजनीति में क्या हो रहा है।
 

राष्ट्रीय समाचार:

राष्ट्रीय समाचार:  अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि "हम सत्ता की कुर्सी के लिए कोई समझौता नहीं करेंगे।" उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के बीच गुप्त गठजोड़ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘आप’ के नेताओं पर झूठे मामले चलाए गए, जबकि गांधी परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। केजरीवाल ने बताया कि कैसे सौरभ भारद्वाज के घर ईडी की छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने उनके बयान में बदलाव लाने का दबाव डाला, लेकिन सौरभ ने इनकार कर दिया। यहां तक कि उनकी पत्नी को डराने की कोशिश की गई, फिर भी पूरा परिवार मजबूती से खड़ा रहा।


दिल्ली की स्थिति पर सवाल

केजरीवाल ने कहा कि पहले राजनीति में विरोधियों को मारने का चलन था, अब उन्हें जेल भेजा जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समय भी गुजर जाएगा, लेकिन सच्चाई हमेशा विजयी होती है। जनता सब कुछ जानती है और झूठे मामले लंबे समय तक नहीं टिकते।


दिल्ली की बदहाली का आरोप

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने पिछले छह महीनों में दिल्ली की स्थिति को खराब कर दिया है। बिजली कटौती, टूटी सड़कें और जाम से लोग परेशान हैं। केजरीवाल ने कहा कि लोग आज ‘आप’ सरकार को याद कर रहे हैं और इसकी तुलना कर रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि जब ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया, तो मोदी जी ने उल्टे दबाव में आकर कपास पर भी शुल्क हटा दिया। उन्होंने कहा कि अन्य देशों ने अमेरिका को जवाब दिया, लेकिन भारत झुक गया।


मुफ्त बिजली पर खतरा

केजरीवाल ने चेतावनी दी कि भाजपा अब दिल्ली में मुफ्त बिजली और सब्सिडी समाप्त करने की योजना बना रही है। यह निर्णय गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर भारी पड़ेगा। ‘आप’ नेता इस सच्चाई को जनता के बीच साझा करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बार-बार समझौते का प्रस्ताव दिया जाता है, लेकिन उन्होंने दोहराया कि सत्ता या पार्टी के लिए कभी समझौता नहीं होगा। यदि समझौता करना पड़ा, तो वह देश के लिए करेंगे, निजी हितों के लिए नहीं।