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अरविंद केजरीवाल की बड़ी कानूनी जीत: क्या भाजपा को चुनाव में मिलेगी चुनौती?

दिल्ली की विशेष अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और 23 अन्य को शराब घोटाले में बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद, केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने भाजपा को चुनावी चुनौती दी, यह कहते हुए कि यदि चुनाव होते हैं, तो भाजपा को 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी। केजरीवाल ने मोदी और शाह से माफी की मांग की और कांग्रेस की राजनीति पर भी सवाल उठाए। इस जीत का जश्न आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मनाया, इसे संवैधानिक मूल्यों की विजय बताया।
 

दिल्ली की अदालत का महत्वपूर्ण फैसला


नई दिल्ली : दिल्ली की विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित 23 व्यक्तियों को शराब घोटाले के मामले में बरी कर दिया। इस निर्णय के तुरंत बाद, केजरीवाल ने मीडिया के सामने आकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताया। यह फैसला आप नेताओं के लिए न केवल कानूनी जीत है, बल्कि उनकी ईमानदारी का भी एक बड़ा प्रमाण बन गया है। यह निर्णय दिल्ली की राजनीतिक दिशा को बदलने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


जांच एजेंसियों का दुरुपयोग

केजरीवाल ने भावुक होकर कहा कि पिछले चार वर्षों से ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दबाने के लिए किया गया। उन्होंने बताया कि अदालत ने अपने 600 पन्नों के आदेश में स्पष्ट किया है कि एजेंसियां कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकीं। उनके अनुसार, यह मामला शुरू से ही फर्जी था और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया।


भाजपा को चुनावी चुनौती

10 सीटें जीतना भी BJP के लिए असंभव


अपनी बेगुनाही साबित करने के बाद, केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधी चुनावी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा में थोड़ी भी हिम्मत है, तो उन्हें दिल्ली में तुरंत चुनाव कराना चाहिए। केजरीवाल ने दावा किया कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में भाजपा को दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 10 सीटें भी जीतना मुश्किल होगा। उनके अनुसार, दिल्ली की जनता अब भाजपा की दमनकारी नीतियों को समझ चुकी है।


मोदी और शाह से माफी की मांग

मोदी और अमित शाह से माफी की मांग


पूर्व मुख्यमंत्री ने इस कानूनी लड़ाई को स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि यह साजिश उनके नेतृत्व में रची गई थी। केजरीवाल ने मांग की कि इन नेताओं को लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।


कांग्रेस की दोहरी नीति पर प्रहार

कांग्रेस की दोहरी नीति पर प्रहार


प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कांग्रेस की राजनीति पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेकर पूछा कि क्या वे कभी इतनी कड़ी जांच का सामना कर चुके हैं। केजरीवाल ने कहा कि केवल उनकी पार्टी के नेताओं को ही क्यों निशाना बनाया गया।


सत्यमेव जयते का गूंजता नारा

सत्यमेव जयते का गूंजता नारा


आम आदमी पार्टी के मुख्यालय में जीत का जश्न मनाया जा रहा है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने "सत्यमेव जयते" के नारों के साथ माहौल को उत्सव में बदल दिया। पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह केवल केजरीवाल की जीत नहीं, बल्कि देश के संवैधानिक मूल्यों की विजय है।