अल्जीरिया और यूएई के बीच राजनयिक संबंधों में तनाव: हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध
अल्जीरिया और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते मतभेदों ने राजनयिक संबंधों को तोड़ने की स्थिति पैदा कर दी है। अल्जीरिया ने यूएई के नागरिक और सैन्य विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों का आरोप है। यूएई ने इस स्थिति पर नरम रुख अपनाने की कोशिश की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह तनाव लंबे समय तक बना रह सकता है। जानें इस विवाद के पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएँ।
Sep 11, 2026, 19:23 IST
अल्जीरिया और यूएई के बीच बढ़ते मतभेद
अल्जीरिया और संयुक्त अरब अमीरात के बीच कई वर्षों से चल रहे मतभेद अब राजनयिक संबंधों के टूटने तक पहुँच गए हैं। इस स्थिति के चलते, अल्जीरिया ने यूएई में रजिस्टर्ड नागरिक और सैन्य विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने का निर्णय लिया है।
हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध की जानकारी
अल्जीरिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह प्रतिबंध 11 सितंबर की आधी रात से लागू होगा। हालांकि, अल्जीयर्स के हौआरी बौमेदीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यूएई की वाणिज्यिक उड़ानों को फिलहाल छूट दी गई है, और ये उड़ानें 2026 के अंत तक जारी रह सकती हैं।
संबंधों में गिरावट का कारण
अल्जीरियाई सरकार ने इस निर्णय के पीछे दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों को जिम्मेदार ठहराया है। अल्जीयर्स का आरोप है कि उसने संबंधों को सुधारने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन यूएई की ओर से ऐसे कदम उठाए गए जिन्हें अल्जीरिया ने उकसावे के रूप में देखा।
यूएई का प्रतिक्रिया
यूएई ने इस स्थिति पर नरम रुख अपनाने की कोशिश की है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने आशा व्यक्त की है कि यह राजनयिक टूट स्थायी नहीं होगी और उसने अल्जीरिया के साथ पुराने संबंधों को बनाए रखने की इच्छा जताई है।
क्षेत्रीय तनाव के कारण
दोनों देशों के बीच तनाव का एक प्रमुख कारण अफ्रीका के उत्तर और साहेल क्षेत्र में प्रभाव को लेकर भिन्न रणनीतियाँ हैं। अल्जीरिया अपने क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता देता है, जबकि अबू धाबी की गतिविधियों को लेकर अल्जीयर्स में चिंता बनी हुई है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ जियोफ पोर्टर के अनुसार, अल्जीरिया को यूएई की लीबिया में खलीफा हफ्तार का समर्थन, सूडान में रैपिड सपोर्ट फोर्सेज का कथित समर्थन और मॉरिटानिया में ड्रोन अड्डे की रिपोर्ट पर आपत्ति है। अल्जीरिया इन गतिविधियों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।
मीडिया में विवाद
दोनों देशों के मतभेद केवल अफ्रीका तक सीमित नहीं हैं। पिछले वर्ष, अल्जीरिया के सरकारी टेलीविजन ने यूएई आधारित स्काई न्यूज अरब पर अल्जीरिया विरोधी मीडिया अभियान चलाने का आरोप लगाया था। यह मामला इतिहासकार मोहम्मद अमीन बेलघीत के एक साक्षात्कार के बाद और गंभीर हुआ था।
अल्जीरिया के राष्ट्रपति की टिप्पणियाँ
राष्ट्रपति अब्देलमजीद तेब्बूने ने हाल के महीनों में यूएई के प्रति तीखी टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने कहा था कि जहां भी यूएई का प्रभाव होता है, वहां खून बहता है। अल्जीरिया चाहता है कि यूएई उसके देश से दूर रहे।
विदेश नीति में अंतर
दोनों देशों की विदेश नीति में इजरायल के प्रति भी बड़ा अंतर है। यूएई ने 2020 में इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए, जबकि अल्जीरिया अब भी फलस्तीन का समर्थन करता है। इन भिन्न दृष्टिकोणों ने दोनों देशों के बीच अविश्वास को और बढ़ा दिया है।
भविष्य की संभावनाएँ
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि अल्जीरिया और यूएई के बीच विवाद अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है। राजनयिक संबंधों के टूटने और हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध के बाद, दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण बने रहने की संभावना है। हालांकि, यूएई की बातचीत की इच्छा से स्थिति पर नजर बनी हुई है।