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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कांग्रेस का आरोप, विवाद बढ़ा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उनकी पत्नी के पासपोर्ट और एक बड़ी कंपनी का मामला शामिल है। इस विवाद ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, खासकर चुनाव प्रचार के अंतिम क्षणों में। हिमंत ने पहले गौरव गोगोई के पाकिस्तानी संबंधों का आरोप लगाया था, लेकिन अब वे चुप हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।
 

कांग्रेस का आरोप और विवाद

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं। चुनाव प्रचार समाप्त होने से दो दिन पहले, कांग्रेस ने उनकी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के तीन पासपोर्ट का मामला उठाया और अमेरिका के टैक्स हेवन राज्य वायोमिंग में 52 हजार करोड़ रुपये की कंपनी होने का दावा किया। यह आरोप लगाया गया कि इस कंपनी में हिमंत और उनके बच्चे भी हिस्सेदार हैं। इस मुद्दे ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है, जिसके चलते हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी ने कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा को कानूनी नोटिस भेजने का निर्णय लिया है।


हालांकि, इस पूरे मामले में एक दिलचस्प पहलू यह है कि हिमंत ने गौरव गोगोई की पत्नी के पाकिस्तानी संबंधों का आरोप लगाते हुए पहले काफी बयान दिए थे, लेकिन अब अचानक वे चुप हो गए हैं। कुछ समय पहले उन्होंने कहा था कि वे बड़े सबूत पेश करेंगे, लेकिन चुनाव प्रचार बंद होने में केवल एक दिन रह गया है और उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया। मंगलवार को चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा, लेकिन इस मामले में उनकी चुप्पी ने सबको चौंका दिया है। जानकारों का मानना है कि यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी को फीडबैक मिला था कि गौरव गोगोई पर हमले का कोई लाभ नहीं हो रहा था, बल्कि इससे नुकसान होने की आशंका थी। असम में 10 प्रतिशत अहोम जाति है, जिसके प्रतिनिधि गौरव गोगोई हैं, और उनका वोट उनके पक्ष में एकजुट हो रहा है। इसी कारण हिमंत और भाजपा के अन्य नेताओं ने भी चुप्पी साध ली है।