असम चुनाव 2026: बदरुद्दीन अजमल के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
राजनीति में बयानबाजी का उबाल
नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नजदीक आते ही राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के नेता बदरुद्दीन अजमल के हालिया बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। उनके इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
बदरुद्दीन अजमल का दावा
अजमल ने कहा है कि चुनाव परिणामों के बाद असम में 'मिया' समुदाय का प्रभाव बढ़ेगा, जबकि मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की स्थिति कमजोर होगी। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
अजमल का बयान गुवाहाटी में
गुवाहाटी में दिए गए अपने बयान में, अजमल ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वर्तमान सत्ता संतुलन में बदलाव संभव है।
'मिया' शब्द पर विवाद
असम में 'मिया' शब्द का उपयोग बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए किया जाता है, जिसे कई बार अपमानजनक रूप में देखा जाता है। राज्य की कुल 3.12 करोड़ जनसंख्या में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 34 प्रतिशत है, जिसमें से 4 प्रतिशत स्वदेशी असमिया मुसलमान हैं।
मुख्यमंत्री का विवादास्पद बयान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी अपने एक विवादास्पद बयान के कारण चर्चा में रहे हैं। उन्होंने कहा था कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने बांग्लादेशी मियाओं के हाथ-पैर तोड़े हैं और अगले पांच वर्षों में उनकी कमर तोड़ देंगे। इस बयान की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की थी।
ओवैसी का असम दौरा
इस बीच, एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी असम चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बना रहे हैं। अजमल ने बताया कि ओवैसी 2 और 3 अप्रैल को असम का दौरा करेंगे और इस दौरान कई विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम आठ जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
ओवैसी ने पहले ही अपनी पार्टी की ओर से एआईयूडीएफ को समर्थन देने की घोषणा की है।
AIUDF का चुनावी मैदान
बदरुद्दीन अजमल इस बार बिन्नाकांडी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें धुबरी सीट से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पार्टी इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।
पिछले चुनावों का प्रदर्शन
एआईयूडीएफ ने 2016 के विधानसभा चुनाव में 13 सीटें जीती थीं। वहीं, 2021 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन के साथ मिलकर पार्टी ने 15 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार 2026 के चुनाव में पार्टी 28 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है।
मतदान और नतीजों की तारीख
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। वहीं, पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी। दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।