☰
×

असम पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका को हिरासत में लिया

असम पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका को हिरासत में लिया है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। रांका और उनकी टीम असम में सीजेपी की पहली क्षेत्रीय बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। इस घटना के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त की है। रांका ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा उनके संगठन के प्रयासों से डरते हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके राजनीतिक प्रभावों के बारे में।
 

गुवाहाटी में हिरासत की घटना


गुवाहाटी। असम पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता आशुतोष रांका को हिरासत में लिया है। यह जानकारी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में बताया कि पुलिस ने आशुतोष रांका और उनकी टीम को एक अज्ञात स्थान पर ले जाया है। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में कहा कि जहां आशुतोष को रखा गया है, वहां वकील मौजूद हैं, लेकिन पुलिस उन्हें मिलने नहीं दे रही है।


आशुतोष रांका और उनकी टीम असम के गुवाहाटी में सीजेपी की पहली क्षेत्रीय बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। लेकिन बैठक से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।


Ashu was picked up by Assam Police from a private residence. They have still not been told under what charges or on what grounds he has been detained.

If Ashu is not released, I will go to Assam along with other CJP members. Himanta can arrest us all.

— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 27, 2026



इसके अलावा, आशुतोष रांका ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वह पुलिसकर्मियों के साथ गाड़ी में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने उन्हें और सीजेपी के स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया है, क्योंकि वह असम के लोगों से डरते हैं। रांका ने आरोप लगाया कि उनका संगठन राज्य के स्कूलों की वास्तविकता को उजागर करना चाहता है।


रांका ने कहा, 'उन्हें डर है कि अगर हम यहां के स्कूलों को दिखा दें, तो देश को उनकी हकीकत पता चल जाएगी। उन्हें डर है कि लोगों को पता चल जाएगा कि कॉरपोरेट के फायदे के लिए काजीरंगा में उनके अधिकार कैसे छीने जा रहे हैं। लेकिन हम उनसे नहीं डरते। हम जानते हैं कि उन्होंने विधानसभा चुनाव निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को दोबारा तय करके जीता है।'