आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती बनाने का बिल संसद में पास
संसद के बजट सत्र का अंतिम दिन
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र कल, यानी गुरुवार को समाप्त हो रहा है। लेकिन इससे पहले बुधवार को कई महत्वपूर्ण विधेयक दोनों सदनों से पारित हुए। इनमें से एक विधेयक अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी बनाने से संबंधित है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राज्य की केवल एक ही राजधानी होगी, और वह अमरावती होगी। केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में इस विधेयक को पेश किया, और लगभग एक घंटे की चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक को पेश किया। इस पर एक घंटे से अधिक समय तक बहस हुई, जिसके बाद इसे ध्वनिमत से स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, बुधवार को लोकसभा ने जन विश्वास विधेयक, 2026 को भी पारित किया, जिसमें छोटे-मोटे और तकनीकी उल्लंघनों पर जेल की सजा को हटाकर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। वहीं, राज्यसभा ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से संबंधित एक विधेयक भी पारित किया, जिसका विपक्षी दलों ने विरोध किया। इस विधेयक में अर्धसैनिक बलों में आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति बढ़ाने का प्रावधान है।
बहरहाल, बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विदेशी चंदे से जुड़े नियम एफसीआरए में संशोधन के लिए लाए जा रहे विधेयक का विरोध किया। विपक्ष ने एफसीआरए विधेयक को वापस लेने के नारे लगाए। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध करते रहे। बाद में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि एफसीआरए विधेयक पर लोकसभा में बहस नहीं होगी। इसे 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था।