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आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी बनी अमरावती, मुख्यमंत्री ने किया ऐलान

आंध्र प्रदेश के निवासियों का लंबा इंतजार खत्म हुआ, जब अमरावती को आधिकारिक रूप से राज्य की स्थायी राजधानी घोषित किया गया। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आभार व्यक्त किया। यह निर्णय न केवल प्रशासनिक स्पष्टता लाएगा, बल्कि राज्य के विकास और निवेश के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जानें इस फैसले के पीछे की कहानी और इसके महत्व के बारे में।
 

आंध्र प्रदेश की राजधानी का ऐतिहासिक निर्णय

अमरावती: आंध्र प्रदेश के निवासियों का लंबे समय से चल रहा इंतजार अब समाप्त हो गया है। अमरावती को आधिकारिक रूप से राज्य की एकमात्र स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता दी गई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की। सीएम नायडू ने गर्व के साथ कहा, 'आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है।' हाल ही में संसद के बजट सत्र में 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम संशोधन विधेयक 2026' को दोनों सदनों में भारी बहुमत से पारित किया गया, जिससे यह निर्णय संभव हो सका।


मुख्यमंत्री का आभार और सपना साकार

सीएम नायडू ने जताया आभार

इस ऐतिहासिक क्षण पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने खुशी व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि आंध्र प्रदेश के करोड़ों लोगों की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी का दिल से आभार, जिन्होंने इस संशोधन अधिनियम को अपनी मंजूरी दी। नायडू ने कहा कि इस निर्णय के साथ ही उनकी राजधानी का पुराना सपना अब साकार हो गया है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने राज्य के लिए अपने वादे को निभाया।


राजधानी का असमंजस समाप्त, विकास की ओर एक कदम

विकास के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर

सीएम नायडू के नेतृत्व में टीडीपी-एनडीए सरकार की यह उपलब्धि अमरावती के भविष्य और राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। जब आंध्र प्रदेश का तेलंगाना से विभाजन हुआ था, तब चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती को राज्य का नया प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाने की योजना बनाई थी। सत्ता परिवर्तन और अन्य कारणों से राजधानी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य की केवल एक ही राजधानी होगी, और वह अमरावती है। इस निर्णय से न केवल प्रशासनिक स्पष्टता आई है, बल्कि इसे निवेश और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।