आंध्र प्रदेश सरकार का गणेश चतुर्थी पर बड़ा तोहफा: पंडालों को मिलेगी मुफ्त बिजली
गणेश चतुर्थी पर आंध्र प्रदेश की नई पहल
नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी के अवसर पर आंध्र प्रदेश सरकार ने उत्सव मनाने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य में गणेश पंडालों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से गणेश उत्सव समितियों को पंडालों की रोशनी और बिजली की व्यवस्था पर होने वाले खर्च को लेकर चिंता कम होगी।
पंडालों को बिजली बिल से मिलेगी छूट
आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी के दौरान सभी गणेश पंडालों को मुफ्त बिजली दी जाएगी। इसका मतलब है कि आयोजकों को पंडालों में बिजली के खर्च का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
I am happy to announce that this #GaneshChaturthi, all Ganesh pandals across #AndhraPradesh will be provided free electricity. This is a major festive initiative by our government to support communities celebrating across the state and make the celebrations even more vibrant.…
— Lokesh Nara (@naralokesh) September 9, 2026
उत्सव की रौनक में बढ़ोतरी
हर साल गणेश उत्सव के दौरान शहरों और गांवों में बड़ी संख्या में पंडाल सजाए जाते हैं। इन पंडालों को आकर्षक बनाने के लिए लाइटिंग, सजावट और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग किया जाता है। ऐसे में बिजली का बिल आयोजकों के बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। सरकार के इस नए निर्णय से उन्हें इस खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि मुफ्त बिजली की सुविधा से गणेश उत्सव को और भव्य तरीके से मनाने में मदद मिलेगी। पंडाल समितियां बिना बिजली के खर्च की चिंता किए बेहतर रोशनी और सजावट कर सकेंगी, जिससे भक्तों और आयोजकों के लिए त्योहार का उत्साह बढ़ेगा।
महाराष्ट्र में भी राहत की घोषणा
गणेश उत्सव से पहले महाराष्ट्र में भी लोगों के लिए राहत की घोषणा की गई है। मुंबई से कोंकण जाने वाले यात्रियों को कुछ प्रमुख मार्गों पर टोल से राहत देने का निर्णय लिया गया है। इससे त्योहार के दौरान अपने गांव जाने वाले परिवारों को यात्रा खर्च कम करने में मदद मिलेगी।
इस प्रकार, गणेश चतुर्थी से पहले विभिन्न राज्यों के निर्णय भक्तों और उत्सव आयोजकों के लिए राहत लेकर आए हैं। आंध्र प्रदेश में मुफ्त बिजली की घोषणा को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।