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आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों पर कसा तंज, कहा- विचारधारा को बेचा

महाराष्ट्र की राजनीति में हाल ही में उथल-पुथल मची है, जब आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए अपनी विचारधारा को बेच दिया है। ठाकरे ने कहा कि ये सांसद कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी की मदद से चुनाव जीते थे, लेकिन अब उन्होंने मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया है। इस बीच, शिवसेना के छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिससे पार्टी में और भी तनाव बढ़ गया है।
 

महाराष्ट्र की सियासत में हलचल


महाराष्ट्र की राजनीति: वर्तमान में महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना में एक महत्वपूर्ण विभाजन हुआ है। इस घटनाक्रम के बाद, आदित्य ठाकरे ने अपनी पार्टी के बागी सांसदों पर तीखा हमला किया है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने बागी सांसदों पर व्यक्तिगत स्वार्थ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। इन सांसदों को उन्होंने 'बिकाऊ' करार दिया और कहा कि उन्होंने उन मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया है, जिन्होंने उन्हें महाविकास अघाड़ी और इंडिया गठबंधन के समर्थन में चुना था।


आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया कि ये सांसद कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी की सहायता से चुनाव में विजयी हुए थे। मतदाताओं ने एनडीए की विचारधारा के खिलाफ वोट दिया था, लेकिन अब इन सांसदों ने अपनी प्रतिष्ठा को बेच दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इन नेताओं ने चुनाव के दौरान गठबंधन के प्रमुख नेताओं से अपने क्षेत्रों में रैलियां आयोजित करने की मांग की थी।


गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना के छह सांसद बागी हो चुके हैं। हाल ही में पार्टी ने एक बैठक बुलाई थी, जिसमें ये सांसद शामिल नहीं हुए। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने यह नोटिस भेजा है, जिसमें सांसदों को चेतावनी दी गई है कि उन्हें दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराया जा सकता है। सांसदों को 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि वे जवाब नहीं देते हैं, तो यह माना जाएगा कि उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है, जिसके बाद संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।