आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसदों की शिकायत करने का निर्णय लिया
सात सांसदों की शिकायत का निर्णय
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) अपने सात राज्यसभा सांसदों के खिलाफ शिकायत करने की योजना बना रही है। पार्टी के नेता संजय सिंह ने बताया कि वे उप राष्ट्रपति और सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग करेंगे। उल्लेखनीय है कि राघव चड्ढा के नेतृत्व में आप के सात सांसदों ने पार्टी छोड़ने की इच्छा जताई है, जिनमें से तीन सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं। पहले आप के पास राज्यसभा में 10 सांसद थे। राघव चड्ढा का कहना है कि दो तिहाई से अधिक सांसदों के पार्टी छोड़ने के कारण दलबदल कानून लागू नहीं होता।
संजय सिंह का बयान
संजय सिंह ने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों को अयोग्य ठहराने के लिए वे सभापति को पत्र लिखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी भी प्रकार के विभाजन या गुटबाजी को मान्यता नहीं दी जाती, चाहे वह दो तिहाई बहुमत से ही क्यों न हो। सिंह ने यह भी कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची ऐसे अलग गुटों को वैध नहीं मानती।
स्वाति मालीवाल के गंभीर आरोप
इस बीच, आम आदमी पार्टी से अलग हुईं राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मालीवाल ने कहा कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया और हर आंदोलन में भाग लिया, लेकिन बाद में उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और एफआईआर वापस लेने के लिए दबाव डाला गया। मालीवाल ने यह भी कहा कि उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जो बेहद शर्मनाक है।
सौरभ भारद्वाज का बयान
सात सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद, दिल्ली प्रदेश आप के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'बीजेपी उन पार्टियों से डरती है जो सत्ता से सवाल पूछती हैं। आप केवल सांसदों की पार्टी नहीं है, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जो बिना किसी पद के भी संघर्ष करते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'बड़े नेताओं को ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों के डर से तोड़ा जा सकता है, लेकिन आप के जमीनी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे लगातार सवाल उठाते रहेंगे।'