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आम आदमी पार्टी में राघव चड्ढा का विवाद: अंदरूनी खींचतान का खुलासा

आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। राघव चड्ढा ने अपनी पार्टी के नेताओं पर आरोपों का जवाब देते हुए एक वीडियो साझा किया है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ नेताओं ने चड्ढा पर पंजाब के मुद्दों को संसद में उठाने में विफल रहने का आरोप लगाया। चड्ढा ने इस पर तीखा पलटवार किया है, जिससे पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल उठने लगे हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और चड्ढा के भावनात्मक जवाब के बारे में।
 

आम आदमी पार्टी में बढ़ते विवाद


डिजिटल डेस्क। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रही खींचतान अब स्पष्ट रूप से सामने आ गई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी पार्टी के कुछ नेताओं पर तीखा हमला करते हुए संकेत दिया है कि अंदरूनी विवाद गहरा हो रहा है। हाल के दिनों में, पार्टी के कुछ सदस्य सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर चड्ढा पर आरोप लगा रहे थे कि उन्होंने संसद में पंजाब के महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से नहीं उठाया।


राघव चड्ढा का जवाब-


इन आरोपों का जवाब देते हुए, राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगभग तीन मिनट का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने एक तीखा संदेश भी लिखा, "AAP के उन साथियों के लिए, जिन्हें यह वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया... उनके लिए एक छोटा सा ट्रेलर पेश है, पिक्चर अभी बाकी है।" उनके इस बयान को पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी का संकेत माना जा रहा है।




चड्ढा ने अपने जवाब में भावनात्मक रुख भी अपनाया। उन्होंने कहा कि पंजाब उनके लिए केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उनकी पहचान और जिम्मेदारी है। "पंजाब मेरी भूमि है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है और मेरी रूह है," उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा। इसके साथ ही, उन्होंने संसद में पंजाब से संबंधित मुद्दों को उठाने वाले अपने पुराने वीडियो का संकलन भी साझा किया, ताकि यह दिखाया जा सके कि वह लगातार राज्य के हितों की आवाज उठाते रहे हैं।


विवाद की शुरुआत


यह विवाद तब शुरू हुआ जब पंजाब सरकार के वरिष्ठ नेताओं—हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और कुलदीप सिंह धालीवाल—ने मिलकर चड्ढा की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा ने राज्य के कई महत्वपूर्ण वित्तीय और राहत से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। इनमें ग्रामीण विकास निधि के हजारों करोड़ रुपये के बकाया, जीएसटी से जुड़े नुकसान और बाढ़ राहत के लिए घोषित राशि जैसे मुद्दे शामिल हैं।


पार्टी नेताओं ने उनकी चुप्पी को "निराशाजनक" बताते हुए कहा कि एक राज्यसभा सांसद होने के नाते उनसे उम्मीद थी कि वे राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघव चड्ढा का पलटवार इस बात का संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर मतभेद अब सार्वजनिक रूप ले चुके हैं।


इस पूरे मामले ने आम आदमी पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चड्ढा के "ट्रेलर" वाले बयान के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि उनकी "पूरी पिक्चर" में क्या नए खुलासे सामने आते हैं।