इजराइल-हमास संघर्ष: कुशनर और नेतन्याहू की महत्वपूर्ण बैठक
बैठक का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
सोमवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। नेतन्याहू ने गाजा में युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्री योजना को अस्वीकार कर दिया। हाल की बैठकों में, अमेरिका इजराइल की मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रयासरत है।
समझौते के दांव
इस प्रस्तावित समझौते में गाजा में लगभग 20 लाख फलस्तीनियों की जिंदगी, तबाह हुए क्षेत्र का पुनर्निर्माण और भविष्य में उस क्षेत्र पर नियंत्रण शामिल है। योजना के अनुसार, इजराइल को गाजा से हटना होगा, लेकिन इजराइल का कहना है कि हमास को पहले अपने सभी हथियार छोड़ने होंगे।
इजराइली सेना का नियंत्रण
इजराइली सेना ने गाजा पट्टी के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर रखा है, और नेतन्याहू ने पहले भी आगे बढ़ने की चेतावनी दी है। बैठक में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और शांति बोर्ड के निदेशक निकोलेय म्लादेनोव भी शामिल थे। यह बैठक बंद कमरे में आयोजित की गई।
हमास के साथ बातचीत
कुशनर ने रविवार को मिस्र में हमास के प्रमुख खलील अल-हय्या के साथ हथियार त्यागने के मुद्दे पर दो घंटे से अधिक समय तक चर्चा की। मध्यस्थता करने वाले देशों - मिस्र, कतर और तुर्की - के अधिकारी भी इस वार्ता में शामिल थे। हमास के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने इजराइल से गाजा पर हमले रोकने और तथाकथित 'येलो लाइन' तक पीछे हटने की मांग की।
येलो लाइन का महत्व
येलो लाइन की परिभाषा स्पष्ट नहीं है, लेकिन इजराइली सेनाएं इसे पार कर चुकी हैं और अब गाजा के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर उनका नियंत्रण है। नेतन्याहू ने मई में कहा था कि अगला लक्ष्य 70 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण प्राप्त करना है, जिससे इजराइल हमास पर अपनी पकड़ मजबूत कर सके।