इजराइल-हमास संघर्ष: कुशनर और नेतन्याहू की महत्वपूर्ण बैठक
बैठक का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
सोमवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब नेतन्याहू ने हाल ही में गाजा में युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्रीय योजना को अस्वीकार कर दिया था। यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली।
कुशनर की अन्य बैठकें
इससे पहले, कुशनर ने मिस्र में हमास के नेता के साथ लगभग दो घंटे की चर्चा की थी। अमेरिका अब इजराइल पर इस समझौते के मसौदे को मंजूरी देने के लिए दबाव बना रहा है। इस मामले में लगभग 20 लाख फलस्तीनियों की जिंदगी, गाजा के पुनर्निर्माण और क्षेत्र पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
हमास की स्थिति
हमास ने इस मसौदे को स्वीकार करने की बात कही है, जिसमें हथियार छोड़ने का प्रावधान भी है। संगठन ने मध्यस्थों और अमेरिका द्वारा स्थापित 'शांति बोर्ड' से इजराइल को इस योजना पर सहमत होने के लिए मजबूर करने की अपील की है। हालांकि, इजराइल का कहना है कि उसे गाजा से धीरे-धीरे पीछे हटना होगा, जबकि हमास को पहले पूरी तरह से हथियार त्यागने होंगे।
इजराइल का नियंत्रण
वर्तमान में, इजराइली सैनिक गाजा पट्टी के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। नेतन्याहू ने पहले भी गाजा के और बड़े हिस्से पर नियंत्रण करने की धमकी दी है। सूत्रों के अनुसार, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और 'शांति बोर्ड' के निदेशक निकोलाय म्लादेनोव भी नेतन्याहू के साथ बैठक में शामिल थे।
क्षेत्रीय प्रतिक्रिया
इजराइल ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। कुशनर की हमास के साथ बातचीत के बाद हुई बैठक में, हमास के हथियार छोड़ने के मुद्दे पर चर्चा की गई। मिस्र, कतर और तुर्किये जैसे मध्यस्थ देशों के अधिकारी भी इस बैठक में शामिल थे।
समझौते की मांग
हमास के अधिकारियों के अनुसार, हमास नेता ने इजराइल से गाजा पर अपने हमले रोकने और समझौते के कार्यान्वयन से पहले अपनी सेना को तथाकथित 'येलो लाइन' तक वापस बुलाने की मांग की। येलो लाइन की सटीक सीमा स्पष्ट नहीं है।
इजराइल की स्थिति
इजराइली सेना ने गाजा के करीब 60 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है। मई में, नेतन्याहू ने कहा था कि अगला कदम गाजा के 70 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित करना होगा। क्षेत्रीय शक्तियों ने इजराइल पर बढ़ते दबाव के तहत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों ने इजराइल द्वारा समझौते के मसौदे को खारिज करने की निंदा की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
एक बयान में कहा गया कि 'गाजा में शांति लाने के प्रयासों में बाधा डालने की जिम्मेदारी अब इजराइल की है।' इस बयान पर जॉर्डन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और युद्धविराम के मध्यस्थ देशों ने भी हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रियों के बयान में 'शांति बोर्ड' और अमेरिका से 'तत्काल और ठोस कदम' उठाने की मांग की गई।
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस ने कुशनर की बैठकों से संबंधित सवालों को 'शांति बोर्ड' के हवाले कर दिया है। बोर्ड ने भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। टोनी ब्लेयर इंस्टीट्यूट ने भी फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।