इजरायली सेना प्रमुख का विवादास्पद बयान: भेदभाव और हत्याओं की स्वीकार्यता
इजरायली सेना की कार्रवाई पर मेजर जनरल एवी ब्लुथ का बयान
इजरायली सेना के प्रमुख मेजर जनरल एवी ब्लुथ ने हाल ही में कहा कि उनकी सेनाएं 1967 के बाद से सबसे अधिक बेरहमी से हत्याएं कर रही हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इजरायल की सेनाएं यहूदियों और फिलिस्तीनियों के बीच भेदभाव करती हैं। यह टिप्पणी इजरायली समाचार पत्र हारेत्ज़ के अनुसार एक बंद मंच पर की गई।
ब्लुथ ने बताया कि इजरायली सैनिकों ने 2025 में 42 फिलिस्तीनी पत्थरबाजों को गोली मारकर मार डाला। उन्होंने यह भी कहा कि वे यहूदियों पर पत्थर फेंकने वाले लोगों पर गोली चलाने का समर्थन नहीं करते। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि दो नकाबपोश यहूदियों पर पत्थर फेंकने के लिए गोली चलाई गई थी, जिससे हंगामा मच गया।
इसके अलावा, उन्होंने एक 15 वर्षीय फिलिस्तीनी युवक को गोली मारने की घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें उसे सेना की जीप पर पत्थर फेंकने के आरोप में घायल किया गया। ब्लुथ ने कहा कि उस अधिकारी को तब तक यह नहीं पता था कि वे यहूदी हैं जब तक उसने उन्हें हिब्रू में बात करते नहीं सुना।
एक अन्य मामले में, इजरायली सेना प्रमुख ने बताया कि एक पुलिस अधिकारी ने दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं पर गोली चलाई, जिससे एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उस पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया था।
ब्लुथ ने यह भी स्वीकार किया कि वे यहूदी प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए अहिंसक तरीकों का उपयोग करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के सामाजिक दृष्टिकोण से गंभीर परिणाम होते हैं और यह भेदभाव का संकेत है। फिलिस्तीनियों और यहूदियों के लिए कानूनी प्रक्रियाएं भी अलग हैं।