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इज़राइल में चुनाव: नेतन्याहू की अग्निपरीक्षा और राजनीतिक ध्रुवीकरण

इज़राइल में 27 अक्टूबर, 2026 को होने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक चुनौतियाँ और देश का भविष्य तय करने वाले मतदाताओं की सोच पर चर्चा की गई है। हमास द्वारा किए गए हमले के बाद, नेतन्याहू को अपने प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है। जानें कैसे मतदान की प्रक्रिया काम करती है और क्या है इस चुनाव का महत्व।
 

इज़राइल के चुनावों की पृष्ठभूमि

7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए आतंकवादी हमले और उसके बाद गाजा तथा ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, इज़राइल की जनता 27 अक्टूबर, 2026 को अपने देश के भविष्य का चुनाव करने जा रही है। यह चुनाव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। लगभग 73 लाख मतदाता इस चुनाव में भाग लेने के लिए पंजीकृत हैं, जो कि देश की 26वीं संसद (नेसेट) के सभी 120 सदस्यों का चुनाव करेंगे। सर्वेक्षणों के अनुसार, मतदान का रुख 'सेंटर-राइट' और 'राइट-विंग' विचारधारा की ओर है, लेकिन राजनीतिक ध्रुवीकरण के कारण चुनाव परिणाम त्रिशंकु स्थिति में भी जा सकते हैं।


मतदाता की सोच

सर्वेक्षणों से पता चलता है कि अधिकांश मतदाता खुद को 'सेंटर-राइट' या 'राइट-विंग' विचारधारा का मानते हैं। इस महत्वपूर्ण चुनाव में भाग लेने के लिए हजारों लोग इज़राइल लौट आए हैं। यरुशलम में रियल एस्टेट एजेंट यूरिएल ब्रैंडलर ने कहा, "यह इज़राइल के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक है। देश को हर दृष्टि से बेहतर बदलाव की आवश्यकता है।"


नेतन्याहू की चुनौतियाँ

77 वर्षीय नेतन्याहू, जो इज़राइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं, अभी भी लोकप्रिय हैं, लेकिन इस चुनाव में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी गादी आइसेनकोट, जो मध्यमार्गी नेता हैं, उनसे कड़ी टक्कर दे रहे हैं। नेतन्याहू पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, और कई लोग ईरान के साथ तनाव और हमास के हमले को संभालने के उनके तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।


ट्रंप का समर्थन

नेतन्याहू को अपने प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका समर्थन किया है। ट्रंप ने नेतन्याहू को एक उत्कृष्ट नेता बताया और कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अच्छा काम किया है। नेतन्याहू ने ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इज़राइल और अमेरिका के नेताओं के बीच की दोस्ती अद्वितीय है।


इज़राइल में मतदान की प्रक्रिया

इज़राइल में मतदान 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली' के तहत होता है, जिसमें देश को एक ही चुनावी क्षेत्र माना जाता है। मतदाता पार्टियों की सूची के लिए वोट करते हैं, न कि व्यक्तिगत सदस्यों के लिए। किसी भी पार्टी को नेसेट में सीट पाने के लिए कम से कम 3.25 प्रतिशत वोट प्राप्त करना आवश्यक है। चुनाव के बाद, राष्ट्रपति विभिन्न राजनीतिक दलों से सलाह-मशविरा करते हैं और सरकार बनाने के लिए किसी सांसद को नियुक्त करते हैं।


चुनाव की संभावनाएँ

नेसेट का कार्यकाल चार साल का होता है, लेकिन यदि संसद खुद को भंग कर देती है या कोई नई सरकार नहीं बनती है, तो चुनाव समय से पहले भी हो सकते हैं। सबसे अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी अपने आप सरकार नहीं बना सकती; इसके लिए 61 सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है।


अंतिम विचार

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