इमरान खान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट से मिली राहत, जेल में अकेले न रखने का आदेश
इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को राहत देते हुए जेल में अकेले न रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने खान के परिवार से मुलाकात और फोन कॉल की अनुमति देने के साथ-साथ उन्हें चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में और क्या-क्या निर्देश दिए गए हैं।
Sep 1, 2026, 18:26 IST
कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के लिए राहत की घोषणा की। कोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें अकेले कैद में न रखा जाए। 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, IHC के जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो ने यह फैसला सुनाया और उनकी एकजुटता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार किया।
कोर्ट की कार्यवाही
कोर्ट में क्या हुआ
जस्टिस सूमरो ने 6 अगस्त को खान की बहन अलीमा खानम और उनकी पत्नी की बेटी मुबशरा खावर मानेका की अलग-अलग याचिकाओं पर निर्णय सुरक्षित रखा था।
परिवार से संपर्क की अनुमति
परिवार से मुलाक़ात और फ़ोन कॉल
कोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खान के परिवार से मुलाकात की अनुमति दें और खान तथा उनके बेटों के बीच फोन कॉल की व्यवस्था करें। इसके अलावा, कोर्ट ने खान और उनकी पत्नी के बीच मुलाकात की सुविधा प्रदान करने का भी आदेश दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं का ध्यान
मेडिकल सुविधाएँ
कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को जेल के नियमों के अनुसार चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि अडियाला जेल के सुपरिटेंडेंट को इसे लागू करने और 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।