इम्तियाज अली का बुर्का प्रथा पर विवादास्पद बयान
इम्तियाज अली का बयान
नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक इम्तियाज अली हाल ही में अपनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने बुर्का और पर्दा प्रथा पर एक विवादास्पद टिप्पणी की है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस को जन्म दिया है। उनका कहना है कि जब महिलाएं कहती हैं कि वे बुर्के में सहज हैं, तो यह एक पिछड़े समाज का संकेत है।
इम्तियाज अली ने हाल ही में 'अनफिल्टर विद समदीश' पॉडकास्ट में समाज और संस्कृति पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें यह बात बहुत नापसंद है जब लोग कहते हैं कि वे बुर्के में कंफर्टेबल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई ऐसा महसूस करता है, तो यह एक पिछड़े समाज की पहचान है।
उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब यह है कि व्यक्ति के मन में विक्टिमाइजेशन की भावना गहरी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी को टोकने या किसी के घर जाकर यह बात नहीं कह रहे हैं, बल्कि यह उनका व्यक्तिगत विश्वास है।
अंत में, इम्तियाज अली ने कहा कि वे सोचते हैं कि संतुलित विचारधारा वाले लोग कहां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आजकल लोग बहुत अधिक चरमपंथी हो गए हैं और यदि किसी की सोच अलग है, तो हमें उससे नफरत नहीं करनी चाहिए।