ई-20 पेट्रोल विवाद: तहसीन पूनावाला की भूख हड़ताल और पुलिस की कार्रवाई
नई दिल्ली में ई-20 पेट्रोल पर विवाद
नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ सीजेपी का विरोध प्रदर्शन अभी समाप्त नहीं हुआ था कि अब ई-20 पेट्रोल ब्लेंडिंग को लेकर एक नया विवाद उभर आया है। सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति तहसीन पूनावाला ने शनिवार से भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है और मौन मार्च निकालने का भी इरादा जताया है। पूनावाला का कहना है कि पुलिस उन्हें अच्छा इंसान मानती है, लेकिन उनकी आवाजाही पर रोक भी लगाती है। उनका मानना है कि ई-20 पेट्रोल को अनिवार्य बनाना उचित नहीं है और सरकार को इस नियम में बदलाव करना चाहिए। उनकी मांग है कि ई-20 पेट्रोल को शुद्ध पेट्रोल की तुलना में कम से कम बीस प्रतिशत सस्ता बेचा जाए।
पुलिस द्वारा नजरबंद करने का आरोप
पूनावाला ने आरोप लगाया है कि पुलिस की एक बड़ी टीम उनके घर पहुंची और उन्हें घर के भीतर रहने के लिए कहा। उनके अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि उनकी एक अपील पर टीम भारत के हजारों समर्थक सड़कों पर उतर सकते हैं।
आवाजाही पर रोक
पूनावाला ने कहा कि पुलिस उन्हें अच्छा इंसान बताती है, लेकिन उनकी आवाजाही पर रोक भी लगाती है। इस विवाद के बीच, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ई-20 पेट्रोल पर एक टाउनहॉल आयोजित कर रहे हैं।
पूनावाला की असली मांग
यह ध्यान देने योग्य है कि पूनावाला की अगुवाई वाली 'टीम भारत' ने पहले 31 जुलाई को संसद भवन तक गाड़ी मार्च निकालने का ऐलान किया था। हालांकि, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में टीम के सदस्यों को बुलाकर उनकी बात सुनी, जिसके बाद यह मार्च टाल दिया गया। पूनावाला का कहना है कि ई-20 पेट्रोल को अनिवार्य बनाना सही नहीं है और सरकार को इस नियम में बदलाव करना चाहिए।
पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल का विकल्प
उनकी मांग है कि ई-20 पेट्रोल को शुद्ध पेट्रोल की तुलना में कम से कम बीस प्रतिशत सस्ता बेचा जाए और हर पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए। भूख हड़ताल की घोषणा करते समय उन्हें आशंका थी कि प्रशासन उन्हें रोकने की कोशिश करेगा, और अब जो हुआ उसे वे अपनी आशंका का सच होना मानते हैं।