ईरान-अमेरिका युद्धविराम समझौता टला, नई तारीख की उम्मीद
समझौते की तारीख में बदलाव
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित युद्धविराम समझौता अब टल गया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि रविवार को इस पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। वहीं, अमेरिका ने भी अपनी टाइमलाइन को बढ़ाते हुए कहा है कि समझौता एक सप्ताह के भीतर हो सकता है। पहले यह उम्मीद जताई जा रही थी कि रविवार को जिनेवा में दोनों देशों के बीच समझौता संपन्न होगा, जिसे पाकिस्तान ने भी पुष्टि की थी।
ट्रंप का बयान और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि युद्ध समाप्त हो चुका है और जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा था कि दोनों देश पहले कभी इस समझौते के इतने करीब नहीं पहुंचे थे। यह समझौता 60 दिन के युद्धविराम का प्रस्तावित है, जिसके बाद कुछ मुद्दों पर बातचीत जारी रहेगी।
ईरान का आधिकारिक बयान
हालांकि, शनिवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि यह समझौता अगले कुछ दिनों में हो सकता है, लेकिन इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है। बघाई ने कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से तैयार हो रहे इस समझौते का मुख्य उद्देश्य युद्ध समाप्त करना है, जिसमें फिलहाल परमाणु मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी।
पाकिस्तान के पीएम का दावा
इससे पहले, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले 24 घंटे में शांति समझौता हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद दोनों देश ऑनलाइन दस्तखत करेंगे और अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की बातचीत होगी। इस बीच, अमेरिकी मीडिया ने बताया है कि ट्रंप प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि समझौता ज्ञापन में क्या शामिल होगा।
अमेरिकी अधिकारियों की प्रतिक्रिया
उधर, राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन के कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह समझौता अगले हफ्ते तक हो सकता है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि रविवार को समझौता नहीं हो रहा है। ट्रंप ने कहा था कि यदि सब कुछ सही रहा, तो समझौते के समय उप राष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद रहेंगे। इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती से फोन पर बात की और अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव को समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की।