ईरान-अमेरिका संघर्ष: ट्रंप का सैन्य अभियान पर आत्मविश्वास
संघर्ष का नया मोड़
मध्य-पूर्व के रेगिस्तान से लेकर हिंद महासागर तक, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव्स के साथ बातचीत करते हुए अपनी सेना के प्रदर्शन की सराहना की, जिसने वैश्विक समुदाय को चौंका दिया। ट्रंप ने कहा कि युद्ध के पांचवें दिन अमेरिका ने ईरान को कमजोर कर दिया है। जब उनसे पूछा गया कि वह इस सैन्य अभियान को 10 के पैमाने पर कैसे आंकते हैं, तो उन्होंने कहा, "हम जंग के मोर्चे पर बहुत अच्छा कर रहे हैं। किसी ने पूछा 10 के स्केल पर रेटिंग? मैंने कहा- लगभग 15!"
जंग के मोर्चे पर स्थिति
व्हाइट हाउस में बातचीत के दौरान, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी इस संघर्ष में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम जंग के मोर्चे पर, हल्के शब्दों में कहें तो, अच्छा कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका अब एक मजबूत स्थिति में है क्योंकि ईरानी नेतृत्व को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। ट्रंप ने कहा, "हम अब बहुत मज़बूत पोजीशन में हैं, और उनकी लीडरशिप तेज़ी से खत्म हो रही है।"
युद्ध की प्रगति
यह बयान तब आया जब युद्ध अपने पांचवें दिन में पहुंच गया है, और मध्य-पूर्व में नए धमाकों की खबरें आ रही हैं। अमेरिकी सेना इज़राइल के साथ मिलकर ऑपरेशन जारी रखे हुए है। एक महत्वपूर्ण घटना में, एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट पर एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिससे नौसैनिक संघर्ष में वृद्धि हुई। पेंटागन ने कहा है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना है। ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन तेहरान के महत्वपूर्ण हथियार सिस्टम को तेजी से खत्म कर रहा है।
न्यूक्लियर खतरा
ट्रंप ने ईरान पर हमले के अपने निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि ईरान न्यूक्लियर हथियार हासिल करने के करीब पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, "जब पागल लोगों के पास न्यूक्लियर हथियार होते हैं, तो बुरी चीजें होती हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त एयर कैंपेन को आगे बढ़ाने का वादा किया, जो हाल ही में ईरानी ठिकानों पर हमलों के साथ शुरू हुआ था। ट्रंप ने कहा, "हम आगे बढ़ते रहेंगे," यह दर्शाते हुए कि ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है।
आगे की रणनीति
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हमलों ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर कर दिया है, जिसमें उसकी मिसाइल बल और नौसैनिक संसाधन शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप ने युद्ध समाप्त होने के बाद की योजना के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। आलोचकों ने ट्रंप के पिछले वादों की ओर इशारा किया है, जिसमें "कोई नया युद्ध नहीं" शुरू करने का वादा शामिल है। व्हाइट हाउस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या वॉशिंगटन वास्तव में तेहरान में सरकार बदलने की योजना बना रहा है।