ईरान-अमेरिका समझौते पर चर्चा में विवादित मुद्दे
हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की घोषणा की, जिसके बाद दोनों देशों के अधिकारियों ने समझौता ज्ञापन पर चर्चा की। इस बातचीत में ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करने का मुद्दा प्रमुख विवाद बना। ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अंतिम मसौदे में कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है। जानें इस समझौते के संभावित प्रभाव और बातचीत की स्थिति के बारे में।
Jun 15, 2026, 12:23 IST
ईरान और अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन पर बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान के साथ समझौते की घोषणा के तुरंत बाद, ईरान और अमेरिका के अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) के मसौदे पर चर्चा की। इस बातचीत में ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करने का प्रस्ताव एक प्रमुख विवाद का विषय बन गया। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतिम मसौदे में कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं, जैसे तेहरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और तेल प्रतिबंधों पर अमेरिकी छूट। दोनों पक्षों ने सहमति बनने के बाद 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर चर्चा करने का निर्णय लिया। ईरान के अनुसार, इस ड्राफ्ट में फ्रीज़ की गई संपत्ति को जारी करने का भी उल्लेख था, जबकि अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात का खंडन किया कि वॉशिंगटन पहले ही कुछ धन जारी करने पर सहमत हो गया है। यह सब तब सामने आया जब ईरानी मीडिया और अमेरिका में पत्रकारों ने प्रस्तावित डील से संबंधित विभिन्न आंकड़े और शर्तें साझा की।
समझौते के मसौदे में शामिल मुद्दे
रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेमोरेंडम के ड्राफ्ट में यह उल्लेख किया गया है कि अमेरिका ईरान की 25 अरब डॉलर की फ्रीज़ की गई संपत्ति को जारी करेगा। इसमें सीधे नकद ट्रांसफर, क्षेत्रीय सहयोग और वित्तीय क्रेडिट लाइनें शामिल होंगी। ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी ने विदेश मंत्री अब्बास अरागची के हवाले से कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का पूरा विवरण साझा किया गया है। अरागची ने बताया कि 14-पॉइंट वाले समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद ईरान की फ्रीज़ की गई वित्तीय संपत्ति जारी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना इस दस्तावेज़ का प्राथमिक मुद्दा था, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का दूसरा चरण होगा।
बातचीत में अमेरिकी अधिकारियों का खंडन
इस बीच, Axios के पत्रकार बराक राविड ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी और व्हाइट हाउस के अन्य स्रोतों का हवाला देते हुए ईरानी मीडिया की उन खबरों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि वॉशिंगटन ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करेगा। राविड ने अपने स्रोतों के हवाले से कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। यह 'काम के बदले भुगतान' (pay-for-performance) का सौदा है और ईरानियों के अपने वादे पूरे किए बिना कोई भी फ्रीज़ किया गया फंड जारी नहीं किया जाएगा। राविड के अनुसार, बातचीत का 60 दिन का दौर शुरू होने से पहले ईरान बिना किसी शर्त के अपने फ्रीज़ किए गए फंड से धन नहीं निकाल सकेगा। इससे पहले, मेहर ने बताया था कि बातचीत के अंतिम चरण से पहले अमेरिका ईरान की 12 अरब डॉलर की फ्रीज़ की गई संपत्ति जारी करेगा। ईरानी समाचार एजेंसी ने यह भी कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की लागत वाली पुनर्निर्माण योजनाएं पेश करनी होंगी।