ईरान-इज़राइल संघर्ष: अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और बच्चों पर प्रभाव
संघर्ष का बढ़ता प्रकोप
अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव शुक्रवार को लगातार सातवें दिन जारी रहा। क्षेत्र में लड़ाई की तीव्रता बढ़ती जा रही है। अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों को तेज कर दिया है, जबकि इज़राइल ने अपने अभियान के एक नए चरण की शुरुआत का संकेत दिया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य शक्ति में वृद्धि हो सकती है। इसी बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी और इज़राइली सेनाएं ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट कर रही हैं। उनका दावा है कि संघर्ष के बढ़ने के साथ ईरान की वायु सेना और नौसेना को काफी नुकसान हुआ है। श्रीलंका के तट पर अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए एक टॉरपीडो से एक ईरानी युद्धपोत डूब गया, जिसमें कम से कम 87 लोग मारे गए। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, 32 लोगों को बचाया गया और उन्हें श्रीलंका के गाले शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यूनिसेफ का बयान: बच्चों की मौत का आंकड़ा
यूनिसेफ ने बताया है कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के दौरान मध्य पूर्व में लगभग 200 बच्चों की मौत हो गई है। इनमें से 181 बच्चे ईरान में, सात लेबनान में, तीन इज़राइल में और एक कुवैत में मारे गए हैं। यूनिसेफ ने कहा कि बच्चे युद्ध की शुरुआत नहीं करते, लेकिन उन्हें इसकी भयानक कीमत चुकानी पड़ती है। मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाई का बच्चों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है। अमेरिकी और इज़राइली सेना (आईआरजीसी) के अनुसार, ईरान पर हमलों के पहले दिन, दक्षिणी ईरान के मीनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें कम से कम 175 छात्राओं की जान चली गई।
ट्रंप का बयान: जमीनी सेना की तैनाती पर विचार नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एनबीसी को बताया कि ईरान में अमेरिकी जमीनी सेना भेजने पर विचार करना समय की बर्बादी होगी। उन्होंने कहा, "यह समय की बर्बादी है। उन्होंने अपनी नौसेना खो दी है और वे सब कुछ खो चुके हैं।" ट्रम्प ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की चेतावनी को भी खारिज कर दिया कि ईरान में विदेशी सैनिकों की तैनाती आक्रमणकारियों के लिए विनाशकारी साबित होगी।
इजरायली कमांडर का बयान: नए ऑपरेशन का आगाज़
इजरायल के सैन्य प्रमुख ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल अभियान अगले चरण में पहुंच गया है, जिससे ईरान की सरकार और उसकी सैन्य क्षमताओं को और कमजोर किया जाएगा। लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने कहा कि आगे और भी चौंकाने वाली घटनाएं होंगी, जिनका खुलासा नहीं किया जा सकता।
ईरान-इजरायल युद्ध के प्रमुख घटनाक्रम
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, जिनकी 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों के पहले चरण में मृत्यु हो गई थी, का अंतिम संस्कार स्थगित कर दिया गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सीनेट ने एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प की ईरान पर बिना कांग्रेस की अनुमति के युद्ध जारी रखने की शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव था। कतर स्थित भारतीय दूतावास ने नागरिकों से कतर के अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि साइप्रस में एक ब्रिटिश अड्डे को निशाना बनाने वाला ड्रोन ईरान से लॉन्च नहीं किया गया था। कुवैत में हुए हमले में मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों में से अंतिम दो के नाम पेंटागन द्वारा जारी किए गए हैं।
इजरायल का हिजबुल्लाह पर हमला
इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर दाहिये में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। यह कदम हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर किए गए हमलों के जवाब में उठाया गया है। आईडीएफ ने इजरायली नागरिकों और रणनीतिक स्थलों की रक्षा के लिए दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त बल भी तैनात किए हैं।