ईरान-इज़राइल संघर्ष: पश्चिम एशिया में युद्ध की गंभीरता बढ़ी
संघर्ष की स्थिति
अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध का तीसरा सप्ताह शुरू हो चुका है, और हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इज़राइल लेबनान और ईरान पर हमले कर रहा है, जबकि हिज़्बुल्लाह इज़राइल पर रॉकेट दाग रहा है। ईरान भी केवल इज़राइल को ही नहीं, बल्कि खाड़ी के अरब देशों को भी मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बना रहा है।
पश्चिम एशिया में युद्ध का माहौल
पश्चिम एशिया के आसमान में ड्रोन और मिसाइलें एक-दूसरे को काटती हुई नजर आ रही हैं। रातें सायरनों, रोशनी की लकीरों और इंटरसेप्टर प्रणालियों की चमक से भरी हुई हैं। यह स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया एक बार फिर युद्ध की स्थिति में लौट आया है, जिसमें धमाके, अराजकता और अनिश्चितता का माहौल है।
ईरान की स्थिति
इस सबके बीच, ईरान न तो बिखरा है और न ही कमजोर। अमेरिकी और इज़राइली नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि उनका सैन्य दबाव ईरान को झुका देगा, लेकिन तीन सप्ताह बाद भी तेहरान अपनी लड़ाई जारी रखे हुए है।
ईरान की चेतावनी
14 मार्च को ईरान ने चेतावनी दी कि वह अमेरिका से जुड़े सभी ठिकानों को निशाना बनाएगा। यह चेतावनी उस समय आई जब डोनाल्ड ट्रंप ने भविष्यवाणी की थी कि कई देश होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए युद्धपोत भेजेंगे।
तेल आपूर्ति पर प्रभाव
दुनिया की लगभग 15 प्रतिशत तेल आपूर्ति जलडमरूमध्य के पार फंसी हुई है। यह स्थिति 1970 के दशक के तेल संकट से भी अधिक गंभीर मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का आश्वासन दिया, लेकिन इससे बाजार में स्थिरता नहीं आई।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
ईरानी ड्रोन अब खाड़ी के महत्वपूर्ण ढांचों को अधिक बार निशाना बना रहे हैं। तेहरान ने क्षेत्र के बैंकों पर हमले की धमकी दी है, जिससे एचएसबीसी को क़तर में अपनी शाखाएँ बंद करनी पड़ीं।
युद्ध का पैटर्न
तीन सप्ताह के बाद, युद्ध का पैटर्न स्पष्ट हो गया है। ईरान केवल जवाब नहीं दे रहा, बल्कि वह युद्ध को आर्थिक, भौगोलिक और मनोवैज्ञानिक रूप से फैलाने की कोशिश कर रहा है।
प्रोपेगेंडा का मोर्चा
ईरान के भीतर इंटरनेट पर कड़ी निगरानी है, जिससे आम नागरिकों को युद्ध की सीमित जानकारी मिल रही है। लेकिन देश के बाहर, ईरानी मीडिया युद्ध की धारणा को अपने तरीके से प्रस्तुत कर रहा है।
अंतिम विचार
ईरान ने अपने दुश्मनों को अपनी सहनशक्ति से चौंका दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ईरान के हमलों पर हैरानी जताई है। अबू धाबी और बहरीन की तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है, और दुबई का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बाधित हुआ है।