ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के लिए इस्लामाबाद में पहुंची टीम
संघर्ष-विराम वार्ता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
नई दिल्ली। पूरी दुनिया की नजरें संघर्ष-विराम की जटिल वार्ता पर टिकी हुई हैं, इसी बीच अमेरिका ने ईरान के साथ बातचीत के लिए एक टीम को लेकर इस्लामाबाद में लैंड किया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल आधी रात के बाद पहुंचा, जिसका नेतृत्व संसद के स्पीकर एमबी ग़ालिबफ़ कर रहे थे। अमेरिकी टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं। पिछले हफ्ते संघर्ष विराम की घोषणा के बाद, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि वार्ता 15 दिनों तक चल सकती है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को निर्णायक बताया।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का विमान जब पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तो उसे सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के तहत लाया गया, जिसमें हवाई चेतावनी प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान और लड़ाकू जेट शामिल थे, जिन्होंने ईरानी टीम को इस्लामाबाद तक एस्कॉर्ट किया। भारत में ईरान के दूतावास ने एक पोस्ट में बताया कि संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़ेर क़ालिबफ़ के नेतृत्व में वार्ताकार टीम इस्लामाबाद पहुंच गई है। क़ालिबफ़ के साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन, केंद्रीय बैंक के प्रमुख अब्दोलनासेर हेम्मती और कई सांसद भी शामिल हैं। उनका स्वागत रक्षा बलों के प्रमुख आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और गृह मंत्री सैयद मोहसिन रज़ा नक़वी ने किया। इस्लामाबाद के रेड ज़ोन की ओर जाने वाली सड़कें बैरिकेड लगाकर बंद कर दी गईं, जहां संसद, प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठान, आलीशान होटल, दूतावास और विदेशी संगठनों के कार्यालय स्थित हैं। पाकिस्तानी राजधानी अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों पक्षों के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा ईरान की 10-सूत्रीय योजना है, जो शांति वार्ता का आधार है। अमेरिका एक समझौता करना चाहता है, ताकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला रहे और ईरान को यूरेनियम संवर्धन जारी रखने से रोका जा सके।