ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते पर चर्चा तेज
ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते की चर्चा तेज हो गई है, जिसमें संघर्ष-विराम बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की योजना है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते को अंतिम रूप देने की बात की है, जिससे संकेत मिलता है कि जल्द ही हस्ताक्षर समारोह हो सकता है। जानें इस समझौते के संभावित नाम और स्थान के बारे में।
Jun 12, 2026, 18:41 IST
संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ संभावित समझौता
ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ किसी समझौते की खबरें केवल अटकलें हैं। फिर भी, उम्मीद जताई जा रही है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच जिनेवा, स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। एक मीडिया चैनल ने कई राजनयिक स्रोतों के हवाले से बताया है कि इस प्रस्तावित समझौते में संघर्ष-विराम को बढ़ाना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करना शामिल हो सकता है।
समझौते पर हस्ताक्षर समारोह की योजना
सूत्रों के अनुसार, जिनेवा में समझौते पर हस्ताक्षर समारोह की योजना बनाई जा रही है। एक स्रोत ने बताया कि यह कार्यक्रम राजनयिक बातचीत के "दूसरे चरण" की शुरुआत का प्रतीक होगा, जिसमें समझौता ज्ञापन को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
ट्रंप का बड़ा बयान
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए एक बड़े समझौते की बात की थी, जिससे संकेत मिलता है कि जल्द ही समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
हस्ताक्षर समारोह की संभावनाएं
ट्रंप ने यह भी कहा कि यूरोप में जल्द ही हस्ताक्षर समारोह हो सकता है, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हो सकते हैं। उन्होंने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि हमने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक अच्छा समझौता किया है और अब केवल कागज़ात को अंतिम रूप देना बाकी है।
संभावित नाम और स्थान
एक मीडिया चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, कई सूत्रों ने इस प्रस्तावित समझौते को "इस्लामाबाद समझौता" या "इस्लामाबाद घोषणा" का नाम दिया है। यह नाम पाकिस्तान की भूमिका को मान्यता देता है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अंतरिम समझौते की रूपरेखा
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक राजनयिक के अनुसार, अंतरिम समझौते के तहत मौजूदा युद्धविराम को बढ़ाया जाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार की जाएगी।