ईरान का इजराइल पर मिसाइल हमला: वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका
ईरान का घातक मिसाइल हमला
ईरान ने इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष में एक अत्याधुनिक हथियार का उपयोग किया है। तेहरान से आईआरजीसी ने इजराइल पर सजिल मिसाइल से जोरदार हमला किया है, जो आधुनिक बैलेस्टिक मिसाइलों में से एक सबसे घातक मानी जाती है। इस हमले के परिणामस्वरूप स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मिसाइल ईरान से इजराइल की तेल सुविधाओं तक केवल 7 मिनट में पहुंच सकती हैं, जिससे एयर डिफेंस के लिए इसे रोकना मुश्किल हो जाता है। सजिल मिसाइल सॉलिड फ्यूल से संचालित होती है और इसकी मारक क्षमता 2000 किमी तक है।
अमेरिका और इजराइल का जवाब
ईरान के इस हमले के जवाब में अमेरिका ने टॉम हॉक्स मिसाइलों का उपयोग किया है, जो दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में से एक मानी जाती हैं। ईरान ने इजराइल के अलावा पड़ोसी देशों में अमेरिकी ठिकानों और तेल अवसंरचना को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्ला के ठिकानों पर बमबारी की है और तेहरान पर नए हमले शुरू किए हैं। इसके अलावा, दुबई में एक ईरानी ड्रोन ने ईंधन टैंक को निशाना बनाकर हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए मजबूर कर दिया।
वैश्विक ऊर्जा संकट की संभावना
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी यातायात को भी प्रभावी रूप से रोक दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। इस जलडमरूमध्य के माध्यम से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल परिवहन होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सोमवार को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं। अमेरिका के राष्ट्रपति ने युद्धपोत भेजने की मांग की है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जा सके। हालांकि, ईरान के इस हमले के बावजूद किसी भी देश ने अभी तक ठोस प्रतिबद्धता नहीं दिखाई है।