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ईरान का कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जो क़ेशम द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले का प्रतिशोध माना जा रहा है। कुवैत की सेना ने इन हमलों के खिलाफ अपने हवाई रक्षा तंत्र की सक्रियता की पुष्टि की है। इस बीच, ईरान के सरकारी प्रसारक ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है। जानिए इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और क्षेत्रीय तनाव की स्थिति के बारे में।
 

ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर हमले की जानकारी

बुधवार को, ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लक्षित करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान ने इन हमलों को क़ेशम द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले का प्रतिशोध बताया। ईरान के सशस्त्र बलों ने पुष्टि की कि उन्होंने अमेरिकी पांचवें बेड़े और क्षेत्र में स्थित एक हवाई अड्डे को निशाना बनाया। यह कार्रवाई ईरान के दूरसंचार एंटीना और तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई थी। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पहले दी गई चेतावनी के अनुसार की गई है।


कुवैत की सेना ने बुधवार तड़के बताया कि उनके हवाई रक्षा तंत्र ने शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोन हमलों को सक्रिय रूप से रोकने का कार्य किया। यह बयान खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आया, जब देशभर में निवासियों ने तेज धमाकों की आवाजें सुनीं।


कुवैत की सेना की प्रतिक्रिया

कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने एक प्रारंभिक बयान में कहा कि उनका हवाई रक्षा तंत्र शत्रुतापूर्ण हमलों का सामना कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा सुनी गई धमाकों की आवाजें उनके द्वारा किए गए अवरोधन अभियानों का परिणाम थीं। स्थिति स्पष्ट होने पर, सेना ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे किसी भी गिरने वाले मलबे या अज्ञात वस्तुओं के पास न जाएं और न ही उन्हें छुएं।


अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ऐसे अवशेष सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने जनता से अपील की कि वे संदिग्ध मलबे की सूचना तुरंत आपातकालीन सेवाओं को दें।


क्षेत्रीय तनाव और ईरान का दावा

सेना के जनरल स्टाफ ने सभी से सहयोग करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी दिशानिर्देशों का पालन करने का आह्वान किया। ये घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य संघर्षों के बाद क्षेत्रीय तनाव के बढ़ने के बीच सामने आए हैं। ईरान के सरकारी प्रसारक ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा की गई "शत्रुतापूर्ण कार्रवाई" के बाद कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।