ईरान की चेतावनी: अमेरिकी हमले पर होगा कड़ा जवाब
ईरान की सैन्य कमान की चेतावनी
ईरान की प्रमुख सैन्य इकाई, 'खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर', ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करता है, तो वह उन देशों के पावर प्लांट्स को भी निशाना बनाएगा, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने स्थित हैं।
यह बयान तब आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को लक्षित करने की धमकी दी थी। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग' के हवाले से दी गई है।
ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है और यह ईरान के 'स्मार्ट नियंत्रण' में है। यहां सामान्य जहाजों की आवाजाही निर्धारित नियमों के अनुसार जारी है, ताकि देश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी धमकी पर अमल करता है, तो वह तुरंत कठोर कदम उठाएगा, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करना शामिल है, जो तब तक बंद रहेगा जब तक ईरान की क्षतिग्रस्त सुविधाओं का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता।
इसके अतिरिक्त, ईरान ने इजरायल की बिजली, ऊर्जा और संचार प्रणाली पर बड़े पैमाने पर हमले की योजना बनाई है। साथ ही, उन क्षेत्रीय कंपनियों को भी निशाना बनाया जा सकता है जिनमें अमेरिकी पूंजी लगी है और उन देशों के पावर प्लांट्स पर भी हमले हो सकते हैं जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए 'हर आवश्यक कदम' उठाएगा और क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों की आर्थिक और ऊर्जा संरचना के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
इससे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को 'पूर्ण रूप से नष्ट' कर देगा। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों के करीब पहुंच चुका है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करते हुए स्पष्ट अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि ईरान 48 घंटे के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके बड़े पावर प्लांट्स पर हमला करेगा और उन्हें नष्ट कर देगा।
यह चेतावनी होर्मुज स्ट्रेट के संबंध में तनाव में वृद्धि का संकेत देती है, जो वैश्विक ऊर्जा के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जल्द समाप्त हो सकती है।