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ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को हुआ बड़ा नुकसान, 42 विमान नष्ट

मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में अमेरिका को भारी नुकसान हुआ है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 42 अत्याधुनिक विमान खो दिए हैं, जिनमें एफ-15 और एफ-35 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। इस ऑपरेशन में अमेरिका ने लगभग 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। जानें इस जंग के पीछे की सच्चाई और अमेरिका की स्थिति के बारे में।
 

वॉशिंगटन में तनाव का माहौल

वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही भीषण लड़ाई में भले ही सीजफायर लागू हो गया हो, लेकिन तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तबाह करने की चेतावनी दी है, और यह संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर नए हमले कर सकता है। इसी बीच, एक चौंकाने वाली खुफिया रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि इस संघर्ष में अमेरिका को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है, और उसने 42 अत्याधुनिक विमान खो दिए हैं।


ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिका का नुकसान

इस साल 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नामक एक आक्रामक सैन्य अभियान शुरू किया था। इस ऑपरेशन के दौरान ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह हमला इतना विनाशकारी था कि इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई सहित कई प्रमुख ईरानी नेता और सैन्य अधिकारी मारे गए। अब इस ऑपरेशन पर कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि इस हमले में अमेरिका के लड़ाकू विमानों और ड्रोन सहित कम से कम 42 विमान या तो पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।


खतरनाक अमेरिकी विमानों की सूची

सीआरएस की रिपोर्ट में उन विमानों का विवरण दिया गया है जो इस संघर्ष में नष्ट हुए। इनमें 4 एफ-15ई (F-15E) स्ट्राइक ईगल, एक अत्याधुनिक एफ-35ए (F-35A) लाइटनिंग-2, और एक ए-10 (A-10) थंडरबोल्ट-2 शामिल हैं। इसके अलावा, 7 केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर, एक ई-3 सेंट्री अवॉक्स (AWACS), दो एमसी-130जे कमांडो-2 विशेष अभियान विमान और एक एचएच-60डब्ल्यू जॉली ग्रीन-2 हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। ड्रोन के मामले में, अमेरिका के 24 एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन और एक एमक्यू-4सी ट्राइटन ड्रोन को भी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि युद्ध की गतिविधियों के कारण विमानों का यह आंकड़ा भविष्य में और बढ़ सकता है।


29 अरब डॉलर का खर्च और युद्ध का खतरा

कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) अमेरिकी कांग्रेस और उसकी समितियों को नीतिगत और कानूनी विश्लेषण प्रदान करती है। इसने यह रिपोर्ट अमेरिकी रक्षा विभाग और सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की रिपोर्टों और बयानों के आधार पर तैयार की है। पहले के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इस युद्ध में लगभग 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। इतने बड़े खर्च और 42 विमानों के नुकसान के बावजूद, धमकियों का सिलसिला जारी है, जिससे यह स्पष्ट है कि मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा अभी भी बना हुआ है।