×

ईरान ने अमेरिका के हमलों की कड़ी निंदा की, सुरक्षा पर उठाए सवाल

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है, आरोप लगाते हुए कहा है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरे में डाल रहे हैं। मंत्रालय ने अमेरिका पर सुरक्षा उपायों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है, जिससे वैश्विक शांति को खतरा उत्पन्न हो रहा है। ईरान ने पड़ोसी देशों को भी चेतावनी दी है कि वे इस संघर्ष में शामिल न हों। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और ईरान की प्रतिक्रिया।
 

ईरान का अमेरिका पर आरोप

ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को तेहरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों की आलोचना की और वाशिंगटन पर आरोप लगाया कि उसने अहम 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' में सुरक्षा उपायों में हस्तक्षेप कर वैश्विक वाणिज्यिक शिपिंग को बाधित किया है। मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि हाल की अमेरिकी गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरे में डाल दिया है और इस क्षेत्र में सक्रिय संघर्ष को फिर से भड़काने का काम किया है।


ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में हुए आक्रामक अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की गई है। मंत्रालय ने कहा कि ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन हैं और वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न करते हैं।


अमेरिका के हमलों की गंभीरता

बयान में कहा गया है कि ईरान का विदेश मंत्रालय पिछले 24 घंटों में अमेरिका द्वारा किए गए आक्रामक हमलों की कड़ी निंदा करता है। ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का गंभीर उल्लंघन हैं और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते की लगभग सभी शर्तों का उल्लंघन किया है।


ईरान के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, मछली पकड़ने वाली नावों, कार्गो बार्ज और मौसम संबंधी सुविधाओं पर हमले को भयानक युद्ध अपराध करार दिया गया है।


दक्षिणी फ़ारस की खाड़ी के देशों को चेतावनी

विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी फ़ारस की खाड़ी के आस-पास के देशों को भी चेतावनी दी है। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की मदद करके पड़ोसी देश इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं। बयान में कहा गया है कि इस हमले के लिए दक्षिणी फ़ारस की खाड़ी के देशों के इलाकों का इस्तेमाल करने से वे ईरान के खिलाफ इस गैर-कानूनी युद्ध में शामिल हो गए हैं।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय समझौता "संकट के दौर" में पहुँच गया है। उन्होंने वाशिंगटन पर आरोप लगाया कि वह रणनीतिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में तेहरान की भूमिका को रोककर समझौते को कमजोर कर रहा है।