ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
ईरान के IRGC प्रवक्ता की चेतावनी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता सरदार होसैन मोहेब्बी ने मंगलवार को कहा कि क्षेत्र में स्थित सैन्य ठिकाने सुरक्षा प्रदान करने में असफल रहे हैं और इसके बजाय अस्थिरता का कारण बन गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध बनाए रखेगा। मोहेब्बी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बातें साझा कीं।
पड़ोसी देशों के लिए मोहेब्बी का संदेश था कि क्षेत्र की सरकारों और जनता को यह समझ में आ गया है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों की उपस्थिति सुरक्षा नहीं देती। उन्होंने कहा कि इन ठिकानों ने न केवल सुरक्षा प्रदान करने में असफलता दिखाई है, बल्कि वे खुद असुरक्षा का कारण भी बन गए हैं।
मोहेब्बी ने यह भी कहा कि अमेरिका ने क्षेत्र की सुरक्षा को बनाए रखने का दावा करते हुए यहां सैन्य बुनियादी ढांचे और हथियारों में भारी निवेश किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने खरबों डॉलर खर्च करके और बड़े पैमाने पर सैन्य बुनियादी ढांचे को स्थापित करके सुरक्षा का दावा किया, लेकिन ये ठिकाने अस्थिरता का कारण बने हैं।
मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का महत्व
मोहेब्बी ने सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि क्षेत्र के देश खुद अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने इसे विदेशी हस्तक्षेप को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अमेरिका की आर्थिक नाकेबंदी के प्रयासों पर मोहेब्बी ने कहा कि ईरान ने पहले ही गंभीर नुकसान को रोकने के लिए उपाय कर लिए हैं और वह चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी भी स्थिति में चुप नहीं रहेंगे और हमारे पास कई उपाय हैं।
पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की मजबूती
मोहेब्बी ने यह भी कहा कि अमेरिका की पाबंदियां ईरान के पड़ोसी देशों के साथ उसके संबंधों को समाप्त नहीं कर सकतीं, क्योंकि उनके बीच लंबे समय से आपसी लेन-देन और गहरे संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमारे पड़ोसियों के साथ हमारे संबंधों को खत्म नहीं कर सकता।
ईरान के 15 पड़ोसी देश हैं, जिनके साथ उसका हजारों वर्षों का व्यापारिक संबंध है और धार्मिक-सांस्कृतिक समानताएं भी हैं। यह बयान उस समय आया है जब ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और अन्य देशों को चेतावनी दी।