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ईरान ने भारत के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में छूट की घोषणा की

ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है। इस निर्णय का उद्देश्य दवाओं के आयात को सरल बनाना है, जबकि भारतीय और चीनी जहाजों को ट्रांजिट शुल्क का भुगतान करना होगा। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चार तेल टैंकरों के नष्ट होने का दावा किया है, और अमेरिका के साथ तनाव अभी भी बना हुआ है। जानें इस स्थिति का क्या प्रभाव हो सकता है।
 

ईरान की नई नीति से भारत को मिली राहत


अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी की हार के बाद, ईरान ने भारत के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की पाबंदियों से मुक्त कर दिया है। यह जानकारी ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अहमद हयात-मोगद्दम ने 3 नवंबर 2026 को दी। ईरानवायर और अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इन चार देशों के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।


भारतीय जहाजों के लिए ट्रांजिट शुल्क

#BREAKING BIG FOR INDIA Iran announces exemptions for Indian ships from Strait of Hormuz transit restrictions. Senior Iranian lawmaker Amir Hayat Moqaddam says vessels from India, China, Iraq and Qatar will be allowed to pass through the strategically vital waterway The announcement is significant for India's energy security, as the Strait of Hormuz is a crucial route for oil and gas shipments

— Nabila Jamal (@nabilajamal_) November 4, 2026


रिपोर्टों के अनुसार, भारत को यह छूट ईरान में दवाओं के आयात को सरल बनाने के लिए दी गई है। वहीं, चीन को छूट देने का कारण तेहरान को बीजिंग से राजनीतिक समर्थन की उम्मीद बताया गया है। हालांकि, भारतीय और चीनी जहाजों को इस मार्ग से गुजरने के लिए ट्रांजिट शुल्क का भुगतान करना होगा, जबकि कतर के जहाजों को बिना किसी शुल्क के आने-जाने की अनुमति दी गई है। इराक को दी गई छूट का कारण स्पष्ट नहीं है।


तेल टैंकरों के नष्ट होने की खबर

इस बीच, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि प्रतिबंधित समुद्री मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहे चार तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंगों की चपेट में आकर नष्ट हो गए। संगठन के अनुसार, चारों जहाजों में आग लग गई थी। इसके अलावा, दो अन्य जहाजों को कब्जे में लेने की भी जानकारी दी गई है।


अमेरिका और ईरान के बीच तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के माध्यम से अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक किसी बड़े कूटनीतिक समझौते के संकेत नहीं मिले हैं। ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को उसकी पुरानी मांगें माननी होंगी।


ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि उनका देश युद्ध के लिए तैयार है और उसकी उंगली ट्रिगर पर है। वहीं, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि उनकी सरकार बातचीत के माध्यम से संकट का समाधान निकालना चाहती है। उन्होंने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर युद्ध फिर से शुरू हुआ, तो इससे किसी को भी लाभ नहीं होगा।