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ईरान पर अमेरिका का कड़ा संदेश: परमाणु हथियारों की अनुमति नहीं

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उसे परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कूटनीति को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए और यदि आवश्यक हुआ, तो सैन्य विकल्प का सहारा लिया जाएगा। ईरान और अमेरिका के बीच आज जिनेवा में तीसरे दौर की बातचीत होने जा रही है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होगी। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

ईरान को दी गई चेतावनी


अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को एक स्पष्ट संदेश भेजा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिका की कूटनीति को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो अमेरिका सैन्य विकल्प का सहारा लेने से नहीं हिचकेगा। वेंस ने ईरान को चेतावनी दी कि उसे परमाणु आतंकवाद के माध्यम से दुनिया को धमकाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।


फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में, वेंस ने कहा कि ईरान, जो आतंकवाद का सबसे बड़ा गढ़ है, को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प कूटनीतिक समाधान के पक्षधर हैं, लेकिन उनके पास अन्य विकल्प भी हैं।


ट्रम्प के हाथ में बातचीत का निर्णय

जब वेंस से पूछा गया कि क्या अमेरिका का लक्ष्य ईरान के सर्वोच्च नेता को हटाना है, तो उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने का अंतिम निर्णय राष्ट्रपति ट्रम्प के हाथ में है। उन्होंने कहा कि बातचीत की अवधि का निर्णय भी ट्रम्प ही करेंगे।


वेंस ने कहा, "हम प्रयास जारी रखेंगे, लेकिन राष्ट्रपति को यह तय करने का अधिकार है कि क्या कूटनीति अपनी सीमा तक पहुंच गई है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार बातचीत का परिणाम सकारात्मक होगा।


तीसरे दौर की बातचीत आज

यह बयान उस समय आया है जब ईरान और अमेरिका के अधिकारी आज जिनेवा में तीसरे दौर की बातचीत करने वाले हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची अपनी टीम के साथ जिनेवा पहुंच चुके हैं, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मिडिल ईस्ट दूत स्टीव विटकॉफ करेंगे।


इस बीच, अमेरिका नए प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा है, जबकि ईरान ने अमेरिकी दबाव की रणनीति को खारिज किया है।