ईरान में अयातुल्ला खामेनेई की मौत: उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रियाएं
ईरान में खामेनेई की मौत की खबर
हाल ही में इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की सूचना आई है। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए हैं।
खामेनेई की मौत की खबर के बाद, भारत में कई राजनीतिक नेताओं ने अपनी चिंता और दुख व्यक्त किया है। उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को गंभीर बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान में हालात तेजी से बदल रहे हैं और खामेनेई की हत्या की खबर चिंताजनक है। उन्होंने सभी समुदायों से संयम बरतने और उकसावे वाली गतिविधियों से दूर रहने का अनुरोध किया।
उमर अब्दुल्ला की अपील
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में जो लोग इस घटना पर शोक व्यक्त करना चाहते हैं, उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से ऐसा करने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से भी अनुरोध किया कि वे स्थिति को संभालते समय संयम बरतें और किसी भी तरह की सख्ती से बचें, ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।
इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है ताकि ईरान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर सहायता देने के लिए तैयार है।
महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दिन इतिहास में एक दुखद मोड़ के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ देशों ने इस घटना पर चुप्पी साध ली या परोक्ष रूप से समर्थन किया, जो बेहद निराशाजनक है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इतिहास यह जरूर याद रखेगा कि किसने न्याय का साथ दिया और किसने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से परहेज किया। उन्होंने ईरान की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके लिए शांति, साहस और न्याय की कामना की।