ईरान में खामनेई की मौत: वैश्विक राजनीति में नया संकट
वेस्ट एशिया में अस्थिरता का नया दौर
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई ने वेस्ट एशिया में अस्थिरता को बढ़ा दिया है। दोनों देशों ने स्पष्ट किया था कि इस बार युद्ध केवल प्रतीकात्मक नहीं होगा। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की हालिया मृत्यु ने इस स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। रूस, चीन और उत्तर कोरिया जैसे देशों ने, जो ईरान के साथ लंबे समय से संबंध बनाए हुए थे, केवल निंदा की है, लेकिन किसी भी प्रकार का सैन्य समर्थन नहीं दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तनाव इस बात का संकेत है कि वैश्विक राजनीति में बड़े नेता मौन हैं, जबकि ट्रंप का रुख बेहद सख्त और निर्णायक है। यह स्थिति वैश्विक राजनीतिक समीकरणों को चुनौती दे रही है और एक नए संकट की ओर ले जा रही है।
पुतिन की प्रतिक्रिया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खामनेई और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या को एक घृणित अपराध बताया है। उन्होंने इसे मानवता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। पुतिन ने ईरान के अपने समकक्ष को लिखे पत्र में कहा कि खामनेई की हत्या ने मानवीय नैतिकता का उल्लंघन किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, खामनेई की हत्या शनिवार को 86 वर्ष की आयु में इजरायल और अमेरिका के हवाई हमलों में हुई। पुतिन ने कहा कि खामनेई को एक उत्कृष्ट राजनेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने रूस-ईरान संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तर कोरिया की निंदा
उत्तर कोरिया ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए इसे अवैध आक्रामकता बताया है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई संप्रभुता का उल्लंघन है। प्योंगयांग ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने अपने स्वार्थी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सैन्य बल का दुरुपयोग किया है। हालांकि, अमेरिका ने हाल के महीनों में उत्तर कोरिया के साथ उच्च स्तरीय वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिश की है।
ट्रंप की रणनीति
डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने वैश्विक कूटनीति में उथल-पुथल मचा दी है। वह एक दिन शांति की बात करते हैं और अगले दिन युद्ध की। जानकारों का मानना है कि ट्रंप ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में वहां के आंदोलन का समर्थन किया था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। ट्रंप का मानना है कि यदि वह ईरान के साथ अपने तरीके से समझौता कर लेते हैं, तो इससे उनका वैश्विक रुतबा बढ़ेगा।