ईरान में नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी
ईरान में सर्वोच्च नेतृत्व के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। देश के धार्मिक निकाय, विशेषज्ञों की सभा ने नए सर्वोच्च नेता के चयन पर सहमति बना ली है, हालांकि अभी तक चुने गए व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस निर्णय की पुष्टि सभा के कुछ सदस्यों ने की है।
विशेषज्ञों की सभा का निर्णय
खुज़ेस्तान प्रांत के प्रतिनिधि मोहसिन हैदरी ने बताया कि विशेषज्ञों की सभा के बहुमत ने सबसे उपयुक्त उम्मीदवार का चयन कर लिया है। इसी तरह, सभा के सदस्य मोहम्मद मेहदी मीरबाघेरी ने भी कहा कि परिषद में बहुमत की राय से एक ठोस निर्णय लिया गया है।
सर्वोच्च नेता की भूमिका
विशेषज्ञों की सभा ईरान में सर्वोच्च नेता की नियुक्ति करने वाली संवैधानिक संस्था है, जो देश की सबसे शक्तिशाली पदवी मानी जाती है। इसके पास सेना, न्याय व्यवस्था और कई प्रमुख सरकारी संस्थानों पर अंतिम अधिकार होता है।
खामेनेई की मृत्यु और उसके प्रभाव
यह निर्णय उस समय आया है जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हाल ही में मृत्यु हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मौत अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हवाई हमलों में हुई थी, जिसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
अमेरिका के राष्ट्रपति ने खामेनेई की मृत्यु की घोषणा करते हुए इसे ईरान और अमेरिका के लोगों के लिए न्याय बताया। इस घटना के बाद क्षेत्रीय स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है और कई देशों ने चिंता व्यक्त की है।
खामेनेई का कार्यकाल
86 वर्षीय खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने इस पद को इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के निधन के बाद संभाला था। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से यह पद ईरान की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था का केंद्र बना हुआ है।
अस्थायी व्यवस्था का गठन
नए सर्वोच्च नेता के औपचारिक रूप से पद संभालने तक देश में एक अस्थायी व्यवस्था बनाई गई है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी एजई और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस संक्रमण काल की निगरानी कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की सभा का अधिकार
ईरान के संविधान के अनुसार, 88 सदस्यों वाली विशेषज्ञों की सभा को सर्वोच्च नेता चुनने का अधिकार है। इस सभा के सदस्य शिया धर्मगुरु होते हैं, जिन्हें जनता द्वारा हर आठ वर्ष में चुना जाता है, लेकिन उम्मीदवारों को पहले संरक्षक परिषद की मंजूरी लेनी होती है।
नए नेता का चयन
कानून के अनुसार, सर्वोच्च नेता के निधन के बाद विशेषज्ञों की सभा को जल्द से जल्द नए नेता का चयन करना होता है। यदि प्रक्रिया में समय लगता है, तो वरिष्ठ अधिकारियों की एक अस्थायी परिषद सर्वोच्च नेता की जिम्मेदारियां संभाल सकती है।
क्षेत्रीय तनाव और नया नेतृत्व
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हो रहा है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। खामेनेई की मृत्यु के बाद, ईरान ने इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। नया नेतृत्व आने वाले समय में देश की विदेश नीति और क्षेत्रीय स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
ऐतिहासिक नेतृत्व परिवर्तन
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान में केवल दो ही सर्वोच्च नेता हुए हैं। इस प्रकार, वर्तमान नेतृत्व परिवर्तन को देश के राजनीतिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है।