ईरान में नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति से बढ़ा युद्ध का जोश
ईरान ने नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति के साथ ही युद्ध की तैयारी को लेकर अपने इरादे स्पष्ट किए हैं। आयतुल्लाह सैयद मोजतबा के नेतृत्व में ईरान ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ अपनी स्थिति को मजबूत किया है। रमजान के विशेष अवसर पर कर्बला में इकट्ठा हुए लोगों ने नए उत्साह का प्रदर्शन किया है। ईरान की सेना लंबी अवधि तक युद्ध करने की क्षमता रखती है, और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अगले चरण में उन्नत मिसाइलों के उपयोग की संभावना जताई है। जानें इस स्थिति का क्या असर होगा।
Mar 9, 2026, 15:52 IST
ईरान की मिसाइलों पर नया संदेश
ईरान ने अपनी मिसाइलों पर 'ब्बैक' या 'मुस्तबा' शब्द अंकित कर दिया है, जिसके बाद ये मिसाइलें दागी जा रही हैं। इजरायल के प्रति ईरान का उत्साह बढ़ गया है, खासकर नए सुप्रीम लीडर के ऐलान के बाद। आयतुल्लाह सैयद मोजतबा को कमान सौंपी गई है, जिससे युद्ध का माहौल और भी गरम हो गया है। 19वां रमजान ईरान और मुसलमानों के लिए विशेष महत्व रखता है, और इसी दिन नए सुप्रीम लीडर का ऐलान किया गया। रमजान के इस दिन शिया मुसलमानों के लिए हजरत अली पर हमले की याद में 'गिलीम के जुलूस' का आयोजन किया जाता है, जो इबादत और मातम के लिए महत्वपूर्ण है। यह रातें विशेष होती हैं, और 19वीं रमजान को हजरत अली पर हमले की याद में खास माना जाता है।
कर्बला में इमाम हुसैन का रोजा
कर्बला में इमाम हुसैन के रोजे पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और 'हैदरी' के नारे लगाए। यह एक संकेत है कि लोगों में नया उत्साह जागृत हुआ है। उन्हें नया लीडर मिल गया है, और यह दर्शाता है कि कर्बला फिर से तैयार हो रहा है। यह जज्बा दर्शाता है कि वे झुकने को तैयार नहीं हैं।
ईरान का दृढ़ संकल्प
अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट किया कि उनका देश किसी भी हमले के सामने झुकने वाला नहीं है और अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं खोने देगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, पेजेशकियान ने अस्पताल में घायल नागरिकों से मिलने के बाद कहा कि ईरान अपने ऊपर हमले करने वालों के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा।
लंबे युद्ध की तैयारी
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि ईरान की सेना लंबे समय तक युद्ध करने की क्षमता रखती है। अब तक 200 से अधिक अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। मौजूदा स्थिति में, ईरान छह महीने तक युद्ध जारी रखने की क्षमता रखता है। अब तक पहली और दूसरी पीढ़ी की मिसाइलों का उपयोग किया गया है, और अगले चरण में अधिक उन्नत और लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सुप्रीम लीडर का चयन
ईरान की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ने नए सुप्रीम लीडर का चयन कर लिया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर उनकी मंजूरी के बिना ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा।