ईरान में महंगाई के खिलाफ बढ़ते प्रदर्शनों की गंभीरता
ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन
महंगाई और दैनिक समस्याओं के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब ईरान की सड़कों पर अधिक गंभीर रूप ले चुका है। वर्तमान में, ईरान लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट का सामना कर रहा है, और कई शहरों से हिंसक प्रदर्शनों की रिपोर्टें आ रही हैं।
महंगाई और गुस्से का उभार
दिसंबर 2025 के अंत में महंगाई में वृद्धि, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी और ईरानी रियाल के मूल्य में गिरावट ने आम जनता के गुस्से को भड़काया। यह गुस्सा अब सत्ता के खिलाफ नारों में बदल चुका है। प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ खुलकर नारेबाजी कर रहे हैं, और कई स्थानों पर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
इंटरनेट सेवाओं में बाधा
हालिया जानकारी के अनुसार, इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक ने 8 जनवरी 2026 को पुष्टि की कि ईरान में राष्ट्रव्यापी इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं, और कई क्षेत्रों में फोन नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा है। यह कदम प्रदर्शनों की जानकारी को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए उठाया गया है।
प्रदर्शनों का आह्वान
इस बीच, निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने 8 और 9 जनवरी की शाम को लोगों से खिड़कियों से नारे लगाने की अपील की थी, जिसका असर तेहरान, इस्फहान, मशहद और शिराज जैसे बड़े शहरों में देखा गया। बाजार बंद रहे और प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें बढ़ गईं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, अब तक कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें चार सुरक्षा बल के जवान भी शामिल हैं, और 2,260 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
खामेनेई का बयान
वहीं, खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है और सख्ती के संकेत दिए हैं। सुरक्षा बल आंसू गैस और गोलियों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।