ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बढ़ती हिंसा और संकट
विरोध प्रदर्शनों की गंभीर स्थिति
ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब एक गंभीर और हिंसक मोड़ ले लिया है। चिकित्सा कर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दी गई जानकारी बेहद चौंकाने वाली है। रिपोर्टों के अनुसार, अस्पतालों में घायलों और मृतकों की इतनी अधिक संख्या है कि मुर्दाघरों में जगह कम पड़ गई है।
अस्पतालों की भयावह स्थिति
विभिन्न शहरों से आ रही खबरों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शनकारी मारे जा रहे हैं। पोरसीना अस्पताल में एक रात में 70 शव लाए गए, और मुर्दाघर भर जाने के कारण शवों को प्रार्थना कक्ष में रखा गया।
युवाओं की मौतें
तेहरान के चिकित्सकों ने बताया कि मारे गए अधिकांश लोग 20 से 25 वर्ष के युवा हैं, जिनके सिर और दिल में सीधे गोलियां लगी हैं। कई लोग इमरजेंसी बेड तक पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिए गए।
घायलों की बढ़ती संख्या
काशान और शिराज जैसे शहरों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की आंखों में गोलियां मारी गई हैं। घायलों की इतनी अधिक संख्या है कि अस्पतालों में ऑपरेशन करने के लिए सर्जनों की कमी हो गई है।
इंटरनेट की स्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 110 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और लगभग 2,600 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले चार दिनों से ईरान में इंटरनेट लगभग पूरी तरह से बंद है, जिससे वहां की सटीक जानकारी बाहर आना मुश्किल हो गया है।
विरोध प्रदर्शनों का कारण
यह विरोध प्रदर्शन लगभग दो हफ्ते पहले महंगाई और खराब आर्थिक स्थिति के खिलाफ तेहरान से शुरू हुआ था, जो अब 100 से अधिक शहरों में फैल चुका है। लोग अब सरकार को हटाने की मांग कर रहे हैं और कई सरकारी इमारतों और वाहनों में आग लगा चुके हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
ईरान के सर्वोच्च नेता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह सरकार लाखों लोगों के खून से बनी है और वह किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को 'विनाशकारी तत्व' बताते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
पूर्व राजा का समर्थन
ईरान के पूर्व राजा के बेटे रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शहरों के मुख्य केंद्रों पर कब्जा करें और कहा कि वह जल्द ही ईरान लौट सकते हैं।