उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के बारूदी सुरंगों के आरोपों को किया खारिज
किम यो जोंग का बयान
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन, किम यो जोंग, ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के उन आरोपों को नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि उत्तर कोरिया ने बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, जिनकी चपेट में आकर पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे। किम यो जोंग ने चेतावनी दी कि यदि दक्षिण कोरिया की सेना उनके सैनिकों पर गोलीबारी करती है, तो वे इसका उचित जवाब देंगे। यह घटना 21 सितंबर को हुई, जब असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) के पश्चिमी हिस्से में दो विस्फोट हुए, जिसमें दक्षिण कोरिया के तीन सैन्य अधिकारी घायल हुए।
दक्षिण कोरिया का आकलन
किम यो जोंग का यह बयान दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ (जेसीएस) द्वारा दिए गए प्रारंभिक आकलन के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि विस्फोट उत्तर कोरियाई बारूदी सुरंगों के कारण हुए। जेसीएस ने यह भी बताया कि जांच के दौरान एक और उत्तर कोरियाई बारूदी सुरंग मिली। संयुक्त राष्ट्र कमान ने यह निष्कर्ष निकाला है कि उत्तर कोरिया ने 1950 से 1953 के बीच हुए कोरियाई युद्ध को समाप्त करने वाले युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है।
दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने कहा कि यदि जांच में उत्तर कोरिया को विस्फोटों के लिए जिम्मेदार पाया जाता है, तो दक्षिण कोरिया उचित जवाबी कदम उठाने पर विचार करेगा। किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के आकलन को 'षड्यंत्रकारी तमाशा' करार दिया और आरोप लगाया कि सियोल उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य उकसावे के लिए आधार तैयार कर रहा है।
सीमा पर तनाव
उत्तर कोरिया ने हाल के वर्षों में सीमा पर बारूदी सुरंगों और अन्य किलेबंदी को बढ़ाया है, जिससे दक्षिण कोरिया में चिंता बढ़ी है। जेसीएस के संचालन निदेशक कांग ह्यून-वू ने कहा कि भविष्य में होने वाले किसी भी घटनाक्रम के लिए उत्तर कोरिया पूरी तरह जिम्मेदार होगा। किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया के सीमा मजबूत करने के प्रयासों को उसकी संप्रभुता का वैध उपयोग बताया।
विस्फोटों की स्थिति
हाल के विस्फोट सैन्य सीमांकन रेखा से लगभग 10 मीटर दक्षिण में हुए थे, जब गश्ती मार्ग बनाने का अभियान चल रहा था। जेसीएस के उपाध्यक्ष क्वोन डे-वॉन ने कहा कि पिछले सप्ताह हुए विस्फोटों के पीछे उत्तर कोरियाई बारूदी सुरंगों के होने की बहुत अधिक संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में दक्षिण कोरिया या सहयोगी बलों द्वारा बारूदी सुरंगें बिछाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।