उत्तर प्रदेश में एसआईआर पर संजय सिंह के गंभीर आरोप
संजय सिंह ने उठाए गंभीर सवाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एसआईआर को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एसआईआर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ा घोटाला हुआ है। भाजपा का लक्ष्य हर बूथ पर दो सौ वोटर बढ़ाना है और इसके लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस बार यूपी, हरियाणा, मुंबई और अन्य राज्यों से वोटरों को लाने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि, लोगों ने फॉर्म 7 भरा होगा, जबकि बीएलओ ने फॉर्म 10 भरा है। इस फॉर्म 10 को चुनाव आयोग को सार्वजनिक करना चाहिए। संजय सिंह ने कहा कि 46 लाख लोगों को मृत बताया गया है, जिसका रिकॉर्ड भी दिखाना होगा। 25 लाख डुप्लीकेट वोटर हैं, आयोग को इन्हें भी जारी करना चाहिए। कन्नौज के छिबरामऊ में 100 जीवित लोगों को मृत दर्शाया गया है। रामपुर में एक घर से शबनम का वोट निकला है।
आप नेता ने आगे कहा कि बहराइच में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं। यहां दो लोगों के पास बीएलओ की रसीद होने के बावजूद उन्हें शिफ्ट कर दिया गया है। नोएडा में मृतकों को जीवित कर दिया गया है। अकबरपुर में एक ही घर में 49 वोट हैं। संजय सिंह ने चेतावनी दी कि यूपी के लोगों को अपनी संपत्ति की चिंता करनी चाहिए, नहीं तो भाजपा के लोग गलत नाम जोड़कर उनकी संपत्ति लूट सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर में व्यापक धांधली हुई है और सुप्रीम कोर्ट को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। संजय सिंह ने विपक्षी दलों को यह भी बताया कि भाजपा के वोट कटने की गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी में मतदाता के नाम कनाडा की आबादी से भी ज्यादा काटे गए हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए।