उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर सियासी हलचल तेज
UCC पर बढ़ती चर्चाएँ
UCC In UP: उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संभावित मुलाकात की चर्चा हो रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र चौधरी ने UCC को लागू करने के लिए सरकार की तत्परता का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के संकल्प पत्र में UCC को प्रमुखता से रखा था।
महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा
भूपेंद्र चौधरी ने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों की पूरी सुरक्षा UCC लागू किए बिना संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली आ सकते हैं और अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, इस बैठक का आधिकारिक कार्यक्रम अभी तक सामने नहीं आया है। यदि यह बैठक होती है, तो 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ UCC लागू करने की रणनीति पर चर्चा की जा सकती है।
बीजेपी की चुनावी रणनीति
#WATCH | Lucknow, UP | On Union Home Minister Amit Shah saying UCC in all 21 NDA states before 2029, BJP leader Bhupendra Singh Chaudhary says, "When the manifesto was released on April 14, 2024, our party prominently included the issue of the Uniform Civil Code (UCC)… Our… pic.twitter.com/dtjPDHbsZ6
— News Media (@ANI) September 15, 2026
बीजेपी 2027 के चुनाव को लेकर लगातार विचार कर रही है। 2022 की जीत को दोहराना पार्टी के लिए चुनौती है, और 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन में गिरावट के बाद संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं और विकास परियोजनाओं के माध्यम से सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है कि NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू करने का लक्ष्य है।
UCC की संभावनाएँ
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यूपी में UCC लागू करने के संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया गया है या नहीं। लेकिन योगी-शाह की संभावित मुलाकात और भूपेंद्र चौधरी के बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में UCC लागू करने की तैयारी हो रही है?