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उत्तर प्रदेश विधान मंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा

उत्तर प्रदेश विधान मंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। यह चार दिनों तक चलेगा और इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य शामिल होंगे। इस सत्र का महत्व 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए और भी बढ़ जाता है। जानें इस सत्र में क्या-क्या होने वाला है और इसके पीछे की संवैधानिक प्रक्रिया के बारे में।
 

उत्तर प्रदेश विधान मंडल का मानसून सत्र


लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान मंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से आरंभ होगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी की। यह सत्र चार दिनों तक चलेगा और इस वर्ष का तीसरा सत्र होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस सत्र को बुलाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था।


इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य शामिल होंगे। 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह अनुपूरक बजट विशेष महत्व रखता है। राज्य विधानमंडल का द्वितीय सत्र 30 अप्रैल को समाप्त हुआ था, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी।


संविधान के अनुच्छेद-174 और उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य-संचालन नियमावली के अनुसार, विधानमंडल के दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। इसी के तहत आगामी सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया है। मानसून सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदानों की मांगें विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी। इसके अलावा, पिछले सत्रावसान के बाद शासन के महत्वपूर्ण निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए जारी अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। अन्य आवश्यक विधायी कार्य भी इस दौरान संपादित किए जाएंगे।