उत्तराखंड में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों को सम्मानित किया गया
मुख्यमंत्री का बुनकरों के प्रति सम्मान
उत्तराखंड: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लोकभवन में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 12 उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हथकरघा उद्योग को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए बुनकरों के कौशल की प्रशंसा की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर भी तीखा हमला किया।
योगी ने कहा कि पूर्व की सरकारों की प्राथमिकता प्रदेश का विकास नहीं, बल्कि व्यक्तिगत जीवनशैली थी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "कुछ लोग जीवन भर बच्चे बने रहते हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय शासन और विकास की बजाय व्यक्तिगत दिनचर्या पर अधिक ध्यान दिया जाता था।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 7, 2026
सीएम ने कहा कि जो लोग दिन में उठते थे और शाम तक अपनी निजी गतिविधियों में व्यस्त रहते थे, उनके पास प्रदेश के विकास और जनता की समस्याओं पर विचार करने का समय नहीं था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है, जिसका लाभ समाज के हर वर्ग को मिल रहा है।
कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री ने चार श्रेणियों में चयनित 12 बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए। प्रथम पुरस्कार विजेताओं को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 50 हजार रुपये और तृतीय स्थान पाने वाले बुनकरों को 25 हजार रुपये की सम्मान राशि दी गई।
इस वर्ष वाराणसी के बुनकरों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। साड़ी, ब्रोकेड एवं ड्रेस मैटेरियल श्रेणी में चोलापुर के जमालुद्दीन को जामदानी साड़ी के लिए प्रथम पुरस्कार, रामनगर के अनिकेत कुमार मौर्य को द्वितीय और आजमगढ़ के मोहम्मद अकमल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
सूती दरी, वूलन दरी, आसनी एवं दरेट श्रेणी में सीतापुर के अकील अहमद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कानपुर नगर के मोहम्मद शारिक अंसारी को द्वितीय और बरेली के मुन्ने अली को तृतीय पुरस्कार मिला। बेडशीट, बेड कवर एवं होम फर्निशिंग श्रेणी में बिजनौर के कफील अहमद को प्रथम, बागपत के प्रमोद कुमार को द्वितीय और गोरखपुर के फैजुल हसन अंसारी को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
स्टोल, स्कार्फ, गमछा एवं अन्य उत्पाद श्रेणी में वाराणसी के प्यारे लाल को प्रथम, बाराबंकी की आयशा बानो को द्वितीय और गोरखपुर के रेहान वसीम को तृतीय स्थान पर रखा गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी वितरित की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों को आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन सुविधाएं और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि हथकरघा उद्योग को नई पहचान देने और पारंपरिक बुनकरी को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए सरकार कई योजनाओं पर प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।