उद्धव ठाकरे की शिवसेना में बगावत: छह सांसदों ने किया अलगाव
शिवसेना में बगावत का नया अध्याय
नई दिल्ली। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना में भी बगावत की लहर चल पड़ी है। पार्टी के नौ सांसदों में से छह ने एकनाथ शिंदे गुट में विलय करने का निर्णय लिया है। बुधवार की सुबह, इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र भेजा, जिसमें इस विलय की जानकारी दी गई। हालांकि, इस पर स्पीकर या बागी गुट की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। लेकिन उद्धव ठाकरे के प्रवक्ता संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बगावत की पुष्टि की।
संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखे शब्दों में हमला किया और उन्हें अपशब्द भी कहे। बागी सांसदों में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय दीना पाटिल भी शामिल हैं। हालांकि, बुधवार की सुबह तक पाटिल ने पार्टी छोड़ने की खबरों का खंडन किया था। राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'ये लोग बेईमान हैं। बेईमानी उनके खून में है।' बागी सांसदों को गाली देने के लिए आलोचना होने पर राउत ने सफाई दी कि 'मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं।'
यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर अलग होने की सूचना दी थी। ये सांसद त्रिपुरा की नेशनल सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गए हैं। ममता बनर्जी के चार राज्यसभा सांसद भी इस्तीफा दे चुके हैं। इसके पहले आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हुए थे। इस प्रकार, पिछले तीन महीनों में विभिन्न विपक्षी पार्टियों के 30 सांसद अपनी पार्टी से बागी हो चुके हैं।