उमा भारती का भावुक संदेश: शाहनवाज हुसैन के बेटे की शादी पर यादें ताजा
शादी का समारोह और भावनाएँ
नई दिल्ली। बीजेपी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन के बेटे सैयद अरबाज हुसैन का निकाह 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित रिसेप्शन में कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
अरबाज का विवाह हरियाणा के जगाधरी से कांग्रेस विधायक मोहम्मद अकरम खान की बेटी अफशां अकरम खान के साथ हुआ है। अरबाज इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट के व्यवसाय में सक्रिय हैं, जबकि अफशां ने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। इस खास मौके पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने शाहनवाज हुसैन के साथ अपने 32 वर्षों के संबंधों को याद किया। शाहनवाज ने भी उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
उमा भारती का भावुक पोस्ट
1. शाहनवाज हुसैन जी जब वृंदावन में अपने बेटे अरबाज के विवाह का निमंत्रण-पत्र देने आए थे तब शाहनवाज जी से मेरी पहली मुलाकात से लेकर अरबाज की शादी के निमंत्रण तक की पूरी कहानी याद आ गई।
2. 1993 दिसंबर तक जगत प्रसाद नड्डा जी युवा मोर्चे के अध्यक्ष थे उनके बाद मैं बनी।
3. शाहनवाज जी नड्डा जी की टीम में सदस्य की हैसियत से थे, उन्हें आशंका थी कि मैं नई टीम में उनको नहीं रखूंगी क्योंकि अयोध्या आंदोलन में इतनी सक्रिय भागीदारी के बाद मेरे जैसे लोगों की वामपंथियों के द्वारा ऐसी छवि प्रस्तुत कर दी गई कि हम मुस्लिम समाज के दुश्मन हैं।
4. किंतु शाहनवाज जी की अत्यधिक सक्रियता को देखकर पहली बार कार्यालय प्रभारी बने फिर राष्ट्रीय मंत्री बने फिर लोकसभा का चुनाव लड़े और 32 वर्ष की आयु में अटल जी की सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर बने।
5. रेनू शर्मा के बारे में उन्होंने सबसे पहले मुझे ही बताया, रेनू एवं शाहनवाज दोनों अपनी धर्म का पालन करें और विवाह करें, मेरे इस सुझाव के बाद दोनों ने विवाह किया फिर दोनों के परिवारों ने उनको अपना लिया, फिर अरबाज का जन्म हुआ तो मेरे निवास पर युवा मोर्चे के सदस्यों ने खुशी मनाई इसमें साहब सिंह वर्मा भी शामिल हुए, फिर तो शाहनवाज तरक्की करते गए, बच्चे बड़े होते गए, उच्च शिक्षा प्राप्त किये। रेनू एवं शाहनवाज के संबंधों की मिठास कभी कम नहीं हुई।
6. अपने बेटे की शादी का निमंत्रण पत्र लेकर शाहनवाज जी वृंदावन आए और दिनांक 26 तारीख को शाम को अरबाज के निकाह में मुझे फूफी की हैसियत से बैठना था। मैं केदारनाथ जी से 25 तारीख सुबह वृंदावन आई, केदारनाथ जी में माईनस 3 डिग्री तापमान था वृंदावन में अत्यधिक गर्मी, फिर तो मैं 26 तारीख को दिल्ली जा ही नहीं सकी इसका मुझे जीवन भर अफसोस रहेगा।
7. मैं शादी में नहीं जाती किंतु अरबाज के निकाह में मुझे रहना था क्योंकि मेरी जिंदगी की यात्रा में शाहनवाज का साथ 32 साल का है, मेरी नजर में अभी भी वह बहुत छोटा है और मेरा भाई है, अब उसके बेटे का निकाह था, नहीं जा पाई।
8. प्यारी अफशां एवं चि. अरबाज तथा रेनू एवं शाहनवाज सबकी खुशहाली के लिए मैं वृंदावन में बांके बिहारी जी से प्रार्थना करती हूं। @ShahnawazBJP
— Uma Bharti (@umasribharti) October 29, 2026
शाहनवाज हुसैन की प्रतिक्रिया
उमा भारती के इस भावुक संदेश पर शाहनवाज हुसैन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "दीदी, आपके भावपूर्ण शब्दों ने मुझे भावुक कर दिया। 32 वर्षों का हमारा साथ, आपका स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद मेरे जीवन की अनमोल पूंजी है। अरबाज और अफशां के निकाह में आपकी कमी बहुत खली, लेकिन विश्वास था कि दीदी का आशीर्वाद सदैव हमारे साथ है।" उन्होंने यह भी कहा कि जब उमा दिल्ली आएंगी, तो वह अरबाज और अफशां को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित करेंगी।