कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा: नई आर्थिक साझेदारी की शुरुआत
नई दिल्ली में मार्क कार्नी का आगमन
नई दिल्ली: भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को मुंबई में अपनी पहली आधिकारिक यात्रा की शुरुआत की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हाल के महीनों में भारत की यूरोपीय संघ, ब्राजील और फ्रांस के साथ कूटनीतिक उपलब्धियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में एक कार्यक्रम में संकेत दिया कि कनाडा के साथ 'व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता' (CEPA) की औपचारिक प्रक्रिया कार्नी के आगमन के साथ शुरू होगी। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष अगले सप्ताह वार्ता की शर्तों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। कार्नी मुंबई में दो दिन तक भारतीय और कनाडाई सीईओ के साथ बैठकें करेंगे और कनाडाई पेंशन फंड के प्रमुखों से निवेश के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।
भारत-कनाडा संबंधों में सुधार
रिश्तों में 'पूर्ण रीसेट' और वैश्विक समीकरण
पिछले वर्ष के उतार-चढ़ाव के बाद, भारत और कनाडा के बीच संबंधों में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। कनाडा ने हाल ही में भारत को हिंसक अपराधों की सूची से बाहर कर दिया है, जिससे कूटनीतिक तनाव कम हुआ है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के बीच, कनाडा अब भारत को एक मजबूत आर्थिक विकल्प के रूप में देख रहा है। 2 मार्च को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता इस 'रीसेट' को औपचारिक रूप देगी।
ऊर्जा और तकनीक में सहयोग
ऊर्जा, तकनीक और 50 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
इस यात्रा का मुख्य ध्यान ऊर्जा सुरक्षा और उच्च तकनीकी क्षेत्रों पर रहेगा। दोनों देश यूरेनियम, भारी कच्चे तेल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में नए समझौतों की तैयारी कर रहे हैं। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 30 अरब डॉलर का है, जिसे 2030 तक 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रस्तावित समझौता केवल शुल्कों की कटौती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें सेवा क्षेत्र, निवेश संरक्षण, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी शामिल किया जाएगा।
भारत-कनाडा संबंधों का नया अध्याय
क्यों है यह यात्रा गेम-चेंजर?
कार्नी की यह यात्रा भारत की उत्तरी अमेरिका नीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होगी। ट्रंप प्रशासन की नीतियों के बीच, कनाडा जैसे लोकतांत्रिक साझेदार के साथ मजबूत संबंध भारत की वैश्विक भूमिका को और सुदृढ़ करेंगे। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग तक, यह यात्रा भारत-कनाडा संबंधों के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।