कर्नाटक में सिद्धारमैया और शिवकुमार की मुलाकात: क्या है राजनीतिक संकेत?
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की खास मुलाकात
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति में चल रहे नेतृत्व विवाद के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच हालिया मुलाकातें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। मंगलवार की सुबह, सिद्धारमैया ने शिवकुमार के सदाशिवनगर स्थित निवास पर जाकर विशेष नाश्ते का आनंद लिया। इससे पहले, शनिवार को शिवकुमार मुख्यमंत्री के आवास पर गए थे, जिससे यह मुलाकात और भी महत्वपूर्ण हो गई।
विशेष व्यंजन का आनंद
‘नटी कोली सारू’ का स्वाद
सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार ने सिद्धारमैया को उनका प्रिय व्यंजन ‘नटी कोली सारू’ यानी देशी चिकन करी परोसा। इसके साथ ही इडली, नटी कोली फ्राई, पोंगल और वड़ा जैसे अन्य व्यंजन भी मेज पर थे। सिद्धारमैया ने खुद कहा कि उन्हें गांव का असली चिकन पसंद है और बेंगलुरु में उन्हें वह स्वाद नहीं मिलता। इसलिए उन्होंने शिवकुमार से विशेष रूप से गांव से चिकन मंगवाने का अनुरोध किया था।
मजेदार बातचीत का माहौल
शाकाहार और मांसाहार पर हल्की-फुल्की बातें
पत्रकारों से बातचीत में, मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके घर नाश्ते में शाकाहारी व्यंजन थे, जबकि शिवकुमार के घर मांसाहारी विकल्प भी उपलब्ध थे। उन्होंने मजाक करते हुए कहा, “डीके शाकाहारी हैं, जबकि मैं मांसाहारी हूं। मैंने अपने घर पर मांसाहार नहीं बनवाया था, लेकिन यहां मुझे वह मिला जो मैं चाहता था।” इस प्रकार, दोनों नेताओं के बीच का संवाद राजनीतिक तनाव को कम करने में मदद करता दिखा।
शांत और सहज सिद्धारमैया
नाश्ते के बाद का व्यवहार
नाश्ते के बाद, सिद्धारमैया का व्यवहार शांत और सहज नजर आया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और उपमुख्यमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों मिलकर सरकार का संचालन कर रहे हैं और आगे भी ऐसा ही करेंगे। नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा, “जब आलाकमान कहेगा, तब डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे।”
नेतृत्व परिवर्तन की अनिश्चितता
कब होगा नेतृत्व परिवर्तन?
हालांकि, आलाकमान द्वारा किसी समय-सीमा या निर्णय की घोषणा नहीं की गई है। सिद्धारमैया ने कहा कि यदि केंद्रीय नेतृत्व उन्हें बुलाएगा, तो वे मुलाकात के लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बुधवार को कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल एक कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे, जहां उनसे भी चर्चा हो सकती है।
राजनीतिक रणनीति पर चर्चा
विधानसभा सत्र की तैयारी
नाश्ते के दौरान, दोनों नेताओं ने 8 दिसंबर से बेलगावी में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए रणनीति बनाई। इसके साथ ही, दिल्ली में कर्नाटक के सांसदों की एक संयुक्त बैठक आयोजित करने पर भी चर्चा हुई, ताकि संसद सत्र के दौरान राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर समन्वय किया जा सके।
विपक्ष की चुनौतियों का सामना
सरकार का जवाब
मुख्यमंत्री ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि भाजपा और जेडीएस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विपक्ष का “आक्रामक ढंग” से सामना करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार “किसान समर्थक” है और गन्ना व मक्का किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार पर्याप्त समर्थन नहीं दे रही।