×

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने युवाओं के मुद्दों पर उठाई चिंता, मोदी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में युवाओं की समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं को निराशा के गर्त में धकेल दिया है। खरगे ने शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर चर्चा की और राम मंदिर निर्माण में हुए घोटाले का जिक्र किया। उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग की और युवाओं के भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
 

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में युवाओं की चिंता


नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की हालिया बैठक में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संसद सत्र के समापन के बाद यह उनकी पहली मुलाकात है। उन्होंने बताया कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता है। खरगे ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चिंता युवा हैं। आज़ादी के 80 साल बाद भी कई क्षेत्रों में स्थिति में सुधार होने के बजाय और बिगड़ गई है।


खरगे ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवा हमारे भविष्य हैं। लेकिन सरकार की गलत नीतियों ने युवाओं को निराशा के गर्त में धकेल दिया है। सांप्रदायिकता और रेवड़ी संस्कृति के चलते युवाओं की शिक्षा और रोजगार की अनदेखी की गई है। उन्होंने राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं को प्राथमिकता दी थी और वोटिंग की उम्र को 21 से घटाकर 18 साल किया था।


स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत भी उसी समय हुई थी। राजीव गांधी ने शिक्षा नीति में रोजगार और कौशल विकास को जोड़ा था। उन्होंने कहा कि महिलाओं और कमजोर वर्गों को इसमें विशेष स्थान मिला। UPA सरकार ने शिक्षा के अधिकार और संस्थानों के विकास को बढ़ावा दिया, लेकिन अब युवाओं के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है।


कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge का वक्तव्य:

⦿ संसद सत्र के समापन के बाद हम लोग पहली बार मिल रहे हैं। कुछ बेहद ज्वलंत मुद्दों पर हमें आपस में चिंतन मनन करना है।

⦿ आज हमारी सामूहिक चिंता का सबसे बड़ा बिंदु युवा हैं। आज़ादी के 80 साल हो गए… pic.twitter.com/Zj6TcyDJtM

— Congress (@INCIndia) August 19, 2026



जब युवा पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश में निकलते हैं, तो उन्हें पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी और नियुक्तियों में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए यह स्थिति और भी कठिन है। इसलिए, युवाओं में जो रोष है, वह अचानक नहीं आया है। सरकार ने हमेशा समस्याओं को टालने के लिए अस्थायी उपाय किए हैं।


कांग्रेस ने युवाओं की समस्याओं को अपने एजेंडे में शामिल किया है। राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूँज' कार्यक्रम के माध्यम से उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। संसद में भी शिक्षा और परीक्षा के मुद्दों पर चर्चा की गई है, लेकिन मोदी और अमित शाह ने सवालों से बचने की कोशिश की है। अब समय आ गया है कि कांग्रेस युवाओं के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध शिक्षा से रोजगार तक का रोडमैप तैयार करे।


खरगे ने राम मंदिर के निर्माण में हुए घोटाले का भी जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं करनी चाहिए, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।


खरगे ने कहा कि सेना अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही है, लेकिन सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। युवाओं का भविष्य, जनता की आस्था और देश की सीमाएं, ये सभी एक ही सवाल के केंद्र में हैं: क्या यह सरकार जनता के विश्वास के लायक है?


बैठक में इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने के साथ-साथ देश के सामने विकल्प और समाधान पेश करने की आवश्यकता है। हमें आगामी पांच राज्यों के चुनावों की तैयारी भी करनी है।